डिंडौरी मध्यप्रदेश 

लोकार्पण और फर्नीचर के अभाव में अटकी शिफ्टिंग, तीन कमरों में सीमित महाविद्यालय

शहपुरा। शासकीय आदर्श महाविद्यालय शहपुरा का नवीन भवन निर्माण कार्य पूरा हुए करीब चार माह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक विद्यार्थियों को नए भवन की सुविधा नहीं मिल सकी है। वर्तमान में महाविद्यालय की कक्षाएं पुराने भवन के महज तीन कमरों में संचालित होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में पर्याप्त कक्षों और आवश्यक सुविधाओं के अभाव में विद्यार्थियों को अध्ययन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नवीन भवन तैयार होने के बाद छात्र-छात्राओं को उम्मीद थी कि जल्द ही महाविद्यालय की कक्षाएं वहां शुरू हो जाएंगी और उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा। लेकिन निर्माण पूरा होने के कई माह बाद भी भवन का नियमित शैक्षणिक उपयोग शुरू नहीं हो पाया है। इससे विद्यार्थियों में नाराजगी के साथ यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर तैयार भवन में कक्षाएं कब शुरू होंगी।

60 लाख के फर्नीचर का भेजा गया एस्टीमेट, मिले 06 लाख

महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य पीएस वरकडे के अनुसार नवीन भवन का निर्माण पूरा हो चुका है और पीआईयू विभाग से भवन का हैंडओवर भी महाविद्यालय द्वारा लिया जा चुका है। हालांकि भवन का अभी तक लोकार्पण नहीं हुआ है। वहीं, विद्यार्थियों के बैठने के लिए आवश्यक डेक्स-बेंच सहित अन्य फर्नीचर की व्यवस्था भी नहीं हो सकी है।

प्राचार्य ने बताया कि फर्नीचर की व्यवस्था के लिए करीब 60 लाख रुपए का एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा गया है। इसमें से करीब 6 लाख रुपए की एक किस्त महाविद्यालय को प्राप्त हुई है। आवश्यक फर्नीचर की पूरी व्यवस्था नहीं होने के कारण नवीन भवन में महाविद्यालय का संचालन शुरू करना संभव नहीं हो पा रहा है।

तीन कमरों में सीमित कक्षाएं, बढ़ रही परेशानी

वर्तमान में पुराने भवन में महज तीन कमरों में कक्षाएं संचालित होने से विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है। अलग-अलग कक्षाओं के संचालन और विद्यार्थियों की संख्या के लिहाज से यह व्यवस्था सीमित साबित हो रही है। विद्यार्थियों का कहना है कि जब नवीन भवन बनकर तैयार हो चुका है और उसका हैंडओवर भी लिया जा चुका है, तो आवश्यक व्यवस्थाएं जल्द पूरी कराकर वहां कक्षाएं शुरू की जानी चाहिए।

विद्यार्थियों की मांग—इसी सत्र में हो शिफ्टिंग

छात्र-छात्राओं ने मांग की है कि नवीन भवन के लोकार्पण की प्रक्रिया पूरी करने के साथ ही फर्नीचर और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं प्राथमिकता से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि इसी शैक्षणिक सत्र में महाविद्यालय को नए भवन में स्थानांतरित किया जा सके। विद्यार्थियों का कहना है कि करोड़ों की लागत से तैयार भवन का लंबे समय तक उपयोग नहीं होना विद्यार्थियों के हित में नहीं है।

अब मुख्य सवाल यह है कि जब नवीन भवन करीब चार माह पहले तैयार हो चुका है और पीआईयू से उसका हैंडओवर भी लिया जा चुका है, तो फर्नीचर सहित शेष व्यवस्थाएं कब तक पूरी होंगी। विद्यार्थियों और अभिभावकों की नजर अब शासन से मिलने वाली फर्नीचर राशि तथा भवन के लोकार्पण की प्रक्रिया पर है।

इनका कहना है

“नया भवन बनने के बाद पीआईयू विभाग से हमने हैंडओवर ले लिया है, लेकिन अभी भवन का लोकार्पण नहीं हुआ है, जिस कारण महाविद्यालय शिफ्ट नहीं हुआ है। लोकार्पण होने के पश्चात हमारे सामने सबसे बड़ी समस्या छात्रों के बैठने की है। अभी तक वहां बच्चों के बैठने के लिए डेक्स-बेंच की व्यवस्था नहीं हुई है। जब तक फर्नीचर की व्यवस्था नहीं होती, महाविद्यालय का संचालन वहां संभव नहीं है।”

 

पीएस वरकडे, प्राचार्य

शासकीय आदर्श महाविद्यालय, शहपुरा

रिपोर्ट अखिलेश झारिया 

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