डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
पुराने पट्टों के आधार पर भूमि अधिकार देने की मांग,वनरक्षक पर मनमानी और दुर्व्यवहार के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग
डिंडौरी। जिले के विकासखंड अमरपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत खजरी के वनग्राम चंद्रागढ़ के आदिवासी ग्रामीणों ने भूमि पट्टा निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर जनसुनवाई में कलेक्टर और शहपुरा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि वनग्राम की भूमि के नए पट्टे जुलाई 2026 में किए गए ऑनलाइन सर्वे के साथ-साथ पूर्व में जारी पट्टों में दर्ज रकबे के आधार पर बनाए जाएं, ताकि भूमि स्वामियों को अपने अधिकारों के लिए परेशान न होना पड़े।
पुराने पट्टों में दर्ज रकबे की अनदेखी का आरोप
ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि वनग्राम चंद्रागढ़ में वर्ष 2026 के दौरान ऑनलाइन प्रक्रिया और रोवर मशीन के माध्यम से भूमि सर्वे किया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि नए पट्टे तैयार करते समय पूर्व में जारी पट्टों में दर्ज भूमि के रकबे को ध्यान में नहीं रखा जा रहा है। उन्होंने संबंधित वनरक्षक पर मनमाने तरीके से पट्टा तैयार करने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, इस संबंध में जब वे अपनी समस्या लेकर वनरक्षक के पास जाते हैं, तो कथित तौर पर उन्हें शिकायत करने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस रवैये से उनमें नाराजगी है और उन्हें अपने भूमि संबंधी कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
पट्टा नहीं बनने से भूमि संबंधी कार्य प्रभावित
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि पुराने पट्टों में दर्ज रकबे के आधार पर नए पट्टे नहीं बनने से नामांतरण और भूमि बंटवारे जैसे कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे भूमि स्वामियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि भूमि संबंधी अभिलेखों में स्पष्टता नहीं होने के कारण उनके जरूरी राजस्व कार्य भी अटक रहे हैं।
निष्पक्ष जांच और सभी पात्रों को पट्टा देने की मांग
वनग्राम चंद्रागढ़ के ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जुलाई 2026 में किए गए ऑनलाइन सर्वे तथा पूर्व में जारी पट्टों में दर्ज रकबे का परीक्षण कर नियमानुसार नए पट्टे तैयार किए जाएं। साथ ही, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाए और सभी पात्र भूमि स्वामियों को उनके अधिकारों के अनुरूप पट्टे उपलब्ध कराए जाएं।
ज्ञापन पर वनग्राम चंद्रागढ़ के समस्त ग्रामीणों के हस्ताक्षर अंकित हैं। अब ग्रामीणों को प्रशासन की जांच और कार्रवाई का इंतजार है। हालांकि, ज्ञापन में लगाए गए आरोपों पर संबंधित वन विभाग के अधिकारी या वनरक्षक का पक्ष सामने नहीं आया है। मामले में आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

