ग्राम हरदी में महाष्टमी पर मां दुर्गा की आराधना, भव्य हवन-पूजन एवं नवकन्या भोज से भक्तिमय हुआ दरबार

वैदिक मंत्रोच्चार, हवन की पवित्र आहुतियों और कन्या पूजन के साथ मां जगदम्बा के चरणों में अर्पित हुई श्रद्धा एवं भक्ति

गरियाबंद । शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर ग्राम हरदी स्थित माता दुर्गा दरबार में महाष्टमी के शुभ अवसर पर श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला। इस पावन अवसर पर विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य हवन-पूजन संपन्न हुआ। हवन कुंड में समर्पित प्रत्येक आहुति के साथ मां जगदम्बा की आराधना की गई तथा समस्त ग्रामवासियों के सुख, शांति, समृद्धि, खुशहाली और कल्याण की मंगलकामना की गई।

महाष्टमी के इस पुण्य अवसर पर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के प्रतीक स्वरूप नौ कन्याओं का विधिवत पूजन कर नवकन्या भोज कराया गया। कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनके चरण पूजन, तिलक एवं श्रद्धापूर्वक भोजन कराने की परंपरा ने पूरे आयोजन को भावनात्मक और आध्यात्मिक गरिमा से भर दिया। मान्यता है कि कन्या पूजन के माध्यम से भक्त मां आदिशक्ति के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं और उनके आशीर्वाद की कामना करते हैं।

हवन की पवित्र अग्नि, मंत्रों की दिव्य गूंज और मां दुर्गा के जयकारों से माता का दरबार भक्तिमय हो उठा। वातावरण में गूंजती ‘जय माता दी’ की जयघोष ने श्रद्धालुओं के मन में नई ऊर्जा, विश्वास और भक्ति का संचार किया। भक्तों ने माता रानी के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि, बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और समाज में सुख-शांति बनाए रखने की प्रार्थना की।

कन्या पूजन में निहित है मातृशक्ति के सम्मान का संदेश


भारतीय सनातन संस्कृति में नवरात्रि केवल पूजा-अर्चना का पर्व नहीं, बल्कि नारी शक्ति के सम्मान, सद्भाव, सेवा और समर्पण का प्रतीक भी है। कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका पूजन करना इस भाव को प्रकट करता है कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं संस्कार, समृद्धि और सकारात्मकता का वास होता है। महाष्टमी पर संपन्न हवन-पूजन एवं नवकन्या भोज ने इसी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा को साकार किया।

ग्राम हरदी का माता दुर्गा दरबार श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना रहा। भक्तिभाव से परिपूर्ण इस पावन आयोजन ने यह संदेश दिया कि सच्ची भक्ति केवल अनुष्ठानों तक सीमित नहीं, बल्कि सेवा, करुणा, श्रद्धा और मानव कल्याण की भावना में भी निहित है।

रिपोर्ट नेहरू साहू जिला ब्यूरो गरियाबंद

Leave A Reply

Exit mobile version