गरियाबंद दृढ़ संकल्प, अथक परिश्रम और अटूट आत्मविश्वास के बल पर गौतमी रामटेके ने ऑल इंडिया बार (AIB) परीक्षा सफलता पूर्वक उत्तीर्ण कर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है। उनकी यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे परिवार, विधि जगत और समाज के लिए गर्व एवं प्रेरणा का विषय बन गई है।
गौतमी, वरिष्ठ अधिवक्ता दंपति अधिवक्ता लवकुमार रामटेके एवं अधिवक्ता दीपा रामटेके की सुपुत्री हैं। न्याय, संविधान और सामाजिक सरोकारों से जुड़े संस्कारों के बीच पली-बढ़ी गौतमी ने अपने अनुशासित अध्ययन, निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण से यह उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित की है। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर हों, तो कोई भी मंजिल असंभव नहीं रहती।
ऑल इंडिया बार परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के साथ ही गौतमी अब उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में न्यायिक व्यवस्था को अपनी सेवाएँ देंगी। उनसे न केवल न्याय के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य की अपेक्षा है, बल्कि वे आने वाली युवा पीढ़ी, विशेषकर विधि के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत भी बनेंगी।
गौतमी की इस उपलब्धि पर अधिवक्ता समुदाय, सामाजिक संगठनों, शुभचिंतकों एवं विभिन्न वर्गों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी हैं। सभी ने विश्वास जताया कि वे अपने ज्ञान, नैतिक मूल्यों और न्याय के प्रति समर्पण के बल पर समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मिसाल स्थापित करेंगी।
गौतमी रामटेके की यह सफलता केवल एक परीक्षा उत्तीर्ण करने की कहानी नहीं, बल्कि यह संदेश है कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने हर चुनौती छोटी पड़ जाती है। उनकी उपलब्धि निश्चित ही छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणा का नया अध्याय सिद्ध होगी।
रिपोर्ट नेहरू साहू जिला ब्यूरो पुलिस वाला न्यूज गरियाबंद
