डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन,

*डिंडोरी।*
गोवंश संरक्षण, संवर्धन और गो आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की मांग को लेकर सोमवार को शहपुरा तहसील कार्यालय में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। गो सम्मान आह्वान अभियान के प्रतिनिधियों ने देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में गोवंश की वर्तमान स्थिति को चिंताजनक बताते हुए सड़क दुर्घटनाएं, पॉलीथिन सेवन, कुपोषण और तस्करी जैसी गंभीर समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया गया। अभियान के पदाधिकारियों ने कहा कि मध्यप्रदेश प्राचीन काल से गोपालन, जीव दया और कृषि संस्कृति का केंद्र रहा है, ऐसे में गोवंश संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई है कि केंद्र सरकार को अनुशंसा भेजकर गो सेवा एवं संरक्षण के लिए अलग केंद्रीय कानून लागू कराया जाए। साथ ही राज्य स्तर पर स्वतंत्र गोपालन मंत्रालय के गठन की आवश्यकता भी जताई गई। राज्य में संचालित वधशालाओं के लाइसेंस निरस्त कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।

अभियान ने देशी गोवंश को “राष्ट्रमाता” या “राष्ट्र आराध्या” तथा राज्य स्तर पर “राज्यमाता” घोषित करने की पहल करने का सुझाव दिया। साथ ही गो तस्करी और गो वध को गैर-जमानती अपराध घोषित कर दोषियों की संपत्ति जब्त करने जैसे कड़े प्रावधान लागू करने की बात कही गई।

गो आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पंचगव्य, गोबर-गोमूत्र अनुसंधान, प्राकृतिक खेती, जैविक खाद, कीटनाशक और औषधीय उत्पादों को सरकारी खरीद से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा स्कूलों में ‘गो विज्ञान’ विषय शामिल करने तथा मंदिरों व सार्वजनिक संस्थानों में देशी घी व दुग्ध उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने की मांग भी की गई।

ज्ञापन में प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर नंदीशाला और जिला स्तर पर आदर्श गो अभयारण्य स्थापित करने, राजमार्गों पर घायल गोवंश के उपचार हेतु गोवाहिनी एम्बुलेंस और ट्रॉमा सेंटर विकसित करने पर जोर दिया गया। साथ ही गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर चारा सुरक्षा कानून लागू करने की आवश्यकता भी बताई गई।

अभियान के प्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाकर मध्यप्रदेश को देश का आदर्श गो सेवा राज्य बना सकती है। ज्ञापन के साथ सैकड़ों नागरिकों के हस्ताक्षरयुक्त समर्थन पत्र भी सौंपे गए।

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