डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया

मेंहदवानी-कुसेरा मार्ग मामले में कलेक्टर ने लिया संज्ञान, सात दिन में मांगा जवाब; संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर ब्लैकलिस्ट और एफआईआर की चेतावनी

डिंडौरी, 18 अगस्त। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत मेंहदवानी से कुसेरा तक करीब 12.1 किलोमीटर लंबे मार्ग के तेज बारिश में क्षतिग्रस्त होने के मामले में आखिरकार प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर प्रकाशित खबर के बाद कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ठेकेदार और निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दोनों से सात दिवस के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है।

करीब 4 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस सड़क का निर्माण सतना की शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन द्वारा कराया गया था। निर्माण कार्य 29 अप्रैल 2023 को पूर्ण होना बताया गया है। हाल ही में हुई तेज बारिश के दौरान पुलिया के समीप सड़क का बड़ा हिस्सा कटकर बह गया, जिससे मार्ग के बीच गहरा कटाव हो गया और ग्रामीणों के आवागमन पर संकट खड़ा हो गया।

पांच साल की गारंटी अवधि में सड़क क्षतिग्रस्त

प्रशासन की कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उक्त सड़क वर्तमान में पांच वर्षीय गारंटी संधारण अवधि में है। ऐसे में सड़क के क्षतिग्रस्त होने पर निर्माण की गुणवत्ता, उपयोग की गई सामग्री, जल निकासी व्यवस्था और तकनीकी मानकों के पालन को लेकर विभागीय स्तर पर परीक्षण शुरू किया गया है।

निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल

ठेकेदार को जारी नोटिस में निर्धारित तकनीकी मानकों का समुचित पालन नहीं करने और अनुबंध की शर्तों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण नहीं किए जाने के आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। सड़क एवं पुलिया निर्माण में गुणवत्तापूर्ण सामग्री के उपयोग और उचित जल निकासी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

नोटिस में निर्माण कार्य में कथित लापरवाही एवं अनियमितताओं के कारण शासन को आर्थिक क्षति की स्थिति निर्मित होने का उल्लेख किया गया है। हालांकि मामले में अंतिम जिम्मेदारी संबंधित पक्षों के जवाब और विभागीय जांच के बाद ही तय होगी।

अधिकारी की निगरानी भी जांच के घेरे में

निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारी को जारी नोटिस में निर्माण कार्य का सतत निरीक्षण नहीं करने तथा अधीनस्थ अमले को समय पर आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन और पर्यवेक्षण उपलब्ध नहीं कराने के आरोप लगाए गए हैं।

नोटिस में इसे पदीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता एवं गंभीर लापरवाही बताते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है। साथ ही मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 14 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित किए जाने के संबंध में जवाब मांगा गया है।

ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट और एफआईआर की चेतावनी

प्रशासन ने ठेकेदार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो नियमानुसार फर्म को ब्लैकलिस्ट किए जाने के साथ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

संबंधित अधिकारी और ठेकेदार को नोटिस प्राप्त होने की तारीख से सात दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित समय में जवाब नहीं देने या जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

अब जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर

करोड़ों की लागत से बनी सड़क के बारिश में क्षतिग्रस्त होने के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई शुरू होने से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है। अब तकनीकी जांच में सड़क की वास्तविक गुणवत्ता, जल निकासी व्यवस्था और निर्माण कार्य में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, इसका खुलासा होगा। साथ ही प्रभावित मार्ग को जल्द दुरुस्त कर ग्रामीणों का आवागमन सुचारु करना भी चुनौती बनी हुई है।

Comments are closed.

Exit mobile version