कैबिनेट मंत्री सम्पतिया उइके का अभिनंदन, ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन का धन्यवाद कार्यक्रम सम्पन्न
मंडला।
तीन संतान से संबंधित नियम के निरस्त होने पर ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन की मंडला जिला इकाई द्वारा कैबिनेट मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके का भव्य धन्यवाद एवं अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में आदर्श ग्राम पंचायत की सरपंच डॉ. श्रद्धा उइके करवेती एवं जिला पंचायत सदस्य शैलेष मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत एसोसिएशन की परंपरा अनुसार कॉपी-पेन भेंट कर किया गया तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डी.के. सिंगौर एवं जिला अध्यक्ष दिलीप मरावी को तीन संतान मामले में उनके विशेष प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में तीन संतान नियम से प्रभावित शिक्षक एवं एसोसिएशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जिला उपाध्यक्ष मोहन यादव ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि जिले में तीन संतान नियम के कारण शिक्षक एवं उनके परिवार लंबे समय से मानसिक तनाव में जीवन यापन कर रहे थे। कुछ तथाकथित पत्रकारों द्वारा नौकरी से बर्खास्तगी के नाम पर ब्लैकमेलिंग भी की जा रही थी। ऐसे कठिन समय में एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं उनकी टीम ने इस समस्या को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लिया और लगातार बैठकों के माध्यम से प्रभावित शिक्षकों का मनोबल बढ़ाया।
उन्होंने बताया कि यह विषय कैबिनेट मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके के माध्यम से मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव के समक्ष उठाया गया तथा सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव श्री संजय शुक्ला को भी स्थिति से अवगत कराया गया। शासन स्तर पर निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप अंततः मुख्यमंत्री द्वारा तीन संतान संबंधी नियम को समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
एसोसिएशन ने इस निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मंत्री महोदया का विशेष एवं भव्यता के साथ आभार व्यक्त किया।
प्रदेश अध्यक्ष डी.के. सिंगौर ने अपने उद्बोधन में कहा कि तीन संतान नियम के कारण अनेक अव्यवहारिक समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं, जो मानव गरिमा के विपरीत थीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परिवार का आकार प्रत्येक व्यक्ति का निजी विषय है और इस प्रकार के प्रावधान से अनावश्यक सामाजिक एवं मानसिक दबाव उत्पन्न हो रहा था। उन्होंने इस नियम के निरस्तीकरण को न्यायसंगत एवं मानवीय निर्णय बताया।
कार्यक्रम के दौरान एसोसिएशन द्वारा टीईटी संबंधी समस्याओं को लेकर मंत्री जी को दो ज्ञापन भी सौंपे गए।
अपने संबोधन में मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके ने एसोसिएशन के निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक पहल है, जिसके परिणामस्वरूप पूरे प्रदेश के प्रभावित लोगों को लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि इस नियम के निरस्त होने से न केवल कर्मचारियों बल्कि चुनावों में भाग लेने वाले उम्मीदवारों को भी लाभ प्राप्त होगा। साथ ही उन्होंने तीन संतान नियम से प्रभावित शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी उनके हितों की रक्षा हेतु सदैव तत्पर रहने का आश्वासन दिया तथा टीईटी संबंधी मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री से शीघ्र चर्चा कर समाधान निकालने का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाने वालों में मोहन यादव (जिला उपाध्यक्ष), शिवराम मरकाम (जिला कोषाध्यक्ष), गंगाराम यादव (जिला उपाध्यक्ष), सुनील नामदेव, राजश्री सर्वटे, कामेश्वरी सोयाम, सुषमा मसराम, भजन गवले, मंगरू सिंह गोठारिया, कमोद पावले, संजूलता सिंगौर, अंजू दुबे, अनीता परते, उमेश यादव, कमलेश मरावी, प्रदीप पटेल, रवीन्द्र चौरसिया, राजकुमार यादव, अनिल सिंगौर, अभय कुसमरिया का विशेष योगदान रहा।
प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत शिक्षकों की समस्याएं अनिल सिंगौर द्वारा रखी गईं। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन सरिता सिंह द्वारा किया गया।मंच संचालन दिलीप मरावी ने किया l
मंडला से अशोक मिश्रा की रिपोर्ट
