WhatsApp Image 2026 08 12 at 8.00.55 PMशहडोल –जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को अत्याधुनिक और मरीज-अनुकूल बनाने के संकल्प के साथ कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने आज जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर के इस औचक दौरे से जहां अस्पताल प्रशासन में हड़कंप देखने को मिला, वहीं आम जनता और मरीजों के बीच प्रशासन के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ है।
​निरीक्षण के दौरान कलेक्टर जायसवाल ने अस्पताल की साफ-सफाई, स्वच्छता और सुंदर वातावरण को प्राथमिकता देते हुए सिविल सर्जन को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों को एक स्वच्छ, सुरक्षित और गरिमापूर्ण वातावरण मिलना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, जिसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​निरीक्षण में हर वार्ड का जायजा, मरीजों से सीधा संवाद

कलेक्टर ने स्वयं धरातल पर उतरकर आकस्मिक चिकित्सा कक्ष, मेल-फीमेल वार्ड, सर्जिकल वार्ड, ऑपरेशन थियेटर, एसएनसीयू, कंगारू केयर वार्ड, पैथोलॉजी, डायलिसिस और नेत्र वार्ड सहित प्रत्येक विभाग का गहनता से जायजा लिया। उन्होंने बेड पर मौजूद मरीजों से मिलकर उनका हाल जाना और मिल रही चिकित्सा सुविधाओं की सीधी जानकारी ली।
​स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शी जांच, ऑन-द-स्पॉट वेरिफिकेशन
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर ने ब्लड बैंक और पैथोलॉजी सेंटर के ऑनलाइन रिकॉर्ड खुद खुलवाकर देखे। इतना ही नहीं, उन्होंने सिस्टम में दर्ज नंबरों पर मरीजों को तुरंत दूरभाष (कॉल) कर ब्लड टेस्ट रिपोर्ट मिलने की सत्यता जांची। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी मरीज की जांच रिपोर्ट लंबित न रखी जाए और समय सीमा में रिपोर्ट दी जाए।

​गरीबों और वंचितों के लिए संवेदनशील पहल

जनहितैषी दृष्टिकोण अपनाते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन जरूरतमंद मरीजों की आभा आईडी (ABHA ID) नहीं बनी है, उनके लिए जिला अस्पताल परिसर में ही आधार कार्ड बनाने की त्वरित व्यवस्था की जाए। साथ ही, गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले पात्र परिवारों का मौके पर ही आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी गरीब इलाज के खर्च से वंचित न रहे।

​निःशुल्क सुविधाएं और स्वास्थ्य बजट का सही इस्तेमाल

डायलिसिस केंद्र की समीक्षा के दौरान पाया गया कि आयुष्मान कार्डधारियों को पूर्णतः निःशुल्क सेवाएं मिल रही हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सुविधाओं के और अधिक विस्तार के लिए रोगी कल्याण समिति (RKS) के फंड का शत-प्रतिशत सदुपयोग किया जाए। साथ ही, उन्होंने जिला अस्पताल को अत्याधुनिक बनाने के लिए मध्य प्रदेश शासन को नए प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी जारी किए।
​इस निरीक्षण के दौरान कलेक्टर की दूरदर्शी सोच और त्वरित कार्यशैली की सर्वत्र सराहना हो रही है। निरीक्षण के समय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा, सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ, प्रबंधक पूजा सोनी, डीपीएम मनोज द्विवेदी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

अजय पाल

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