डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया

*सड़क-पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं, जिम्मेदारों की लापरवाही ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल*

**डिंडोरी/शहपुरा।**
शहपुरा के चरगांव में करोड़ों रुपये की लागत से बना सीएम राइज स्कूल का भव्य भवन आज भी उद्घाटन की राह देख रहा है। एक साल पहले तैयार हो चुका यह अत्याधुनिक भवन अब “शोपीस” बनकर खड़ा है, जबकि सैकड़ों बच्चे जर्जर और खतरनाक भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि सड़क और पानी जैसी मामूली सुविधाओं के अभाव में करोड़ों की लागत से बना यह सपना अधूरा पड़ा हुआ है।

*करोड़ों खर्च, लेकिन उपयोग शून्य*

* तकनीकी स्वीकृति: 2967.40 लाख रुपये
* प्रशासनिक स्वीकृति: 3911.63 लाख रुपये
* निर्माण एजेंसी: मप्र पुलिस आवास एवं अधोसंरचना विकास निगम
* ठेकेदार: सांवरिया कंस्ट्रक्शन, छतरपुर
भवन पूरी तरह तैयार, फिर भी एक साल से खाली

*सड़क और पानी के अभाव में बंद पड़ा भवन*

* स्कूल तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं
* जल आपूर्ति की कोई समुचित व्यवस्था नहीं
सिर्फ इन दो समस्याओं ने करोड़ों की परियोजना को बना दिया बेकार

*जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर बच्चे*

* करीब 1000 छात्र पुराने भवन में पढ़ाई कर रहे
* बारिश में छत टपकती, तिरपाल के नीचे लगती कक्षाएं
* दीवारों में दरारें, कॉलम तक धंस चुके
हर दिन हादसे का खतरा

*डर के साए में शिक्षा*

* बच्चों में भय, अभिभावकों में चिंता
* “कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा” जैसी स्थिति
मजबूरी में जान जोखिम में डालकर पढ़ाई

*नए भवन में 2000 छात्रों की क्षमता*

* मौजूदा सत्र में जगह की कमी से कई बच्चों को नहीं मिला प्रवेश
खाली भवन, लेकिन बच्चों के लिए सीट नहीं!

*प्राचार्य का बयान*

* “भवन तैयार है, लेकिन सड़क और पानी के बिना शिफ्टिंग संभव नहीं”
प्रशासनिक समन्वय की भारी कमी उजागर

*सबसे बड़ा सवाल*

* करोड़ों खर्च के बाद भी बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं?
* क्या जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही पर होगी कार्रवाई?
शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल

एक तरफ सरकार शिक्षा के स्तर को सुधारने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत में करोड़ों का स्कूल भवन सिर्फ दिखावे की वस्तु बनकर रह गया है। यदि जल्द ही सड़क और पानी की व्यवस्था नहीं की गई, तो यह मामला किसी बड़े हादसे का कारण भी बन सकता है।

Leave A Reply

Exit mobile version