‘सृजन संवाद योजना‘‘ *‘सृजन संवाद योजना’ के अंतर्गत स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नीमच में ‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ कार्यक्रम संपन्न
नीमच
मध्यप्रदेश पुलिस एवं स्कूल शिक्षा विभाग के समन्वय तथा संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) के सहयोग से प्रदेश में संचालित ‘सृजन संवाद योजना’ के अंतर्गत दिनांक 28 अक्टूबर 2026 को नीमच पुलिस द्वारा स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नीमच में ‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्री राजेश व्यास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में विधिक जागरूकता, उत्तरदायी नागरिकता, सुरक्षा बोध तथा न्याय तक पहुंच के संबंध में समझ विकसित करना है।
एसपी राजेश व्यास ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित – कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री राजेश द्वारा जानकारी दी गई कि ‘सृजन संवाद योजना’ विद्यार्थियों को कानून, संविधान, उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों तथा पुलिस की कार्यप्रणाली से परिचित कराने की महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से युवाओं को जागरूक, आत्मविश्वासी एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। एसपी राजेश व्यास द्वारा बताया गया कि आज के समय में विद्यार्थियों के लिए केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि कानून की जानकारी, व्यक्तिगत सुरक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी तथा डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करना भी अत्यंत आवश्यक है। जागरूक युवा स्वयं को सुरक्षित रखने के साथ-साथ अपने परिवार एवं समाज को भी अपराधों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने का दिया संदेश – पुलिस अधीक्षक श्री व्यास ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों के तरीके भी बदल रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक विद्यार्थी को इंटरनेट एवं सोशल मीडिया का उपयोग करते समय सतर्कता बरतनी चाहिए। ऑनलाइन ठगी से बचाव, अनजान व्यक्तियों के फोन कॉल, संदेश, ई-मेल तथा संदिग्ध लिंक पर भरोसा न करने, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने, अपना OTP, ATM PIN, CVV, इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड अथवा UPI PIN किसी के साथ साझा न करने, बैंक या पुलिस अधिकारी बनकर जानकारी मांगने वाले व्यक्तियों से सतर्क रहने संबंधी समझाईश दी गई। साथ ही सोशल मीडिया खातों पर मजबूत पासवर्ड और उपलब्ध होने पर दो-स्तरीय सुरक्षा (Two&Factor Authentication) का उपयोग करने, डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी अधिकारीरू पुलिस, ब्ठप्ए कस्टम या अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल पर डराने, गिरफ्तारी की धमकी देने अथवा पैसे जमा कराने वाले व्यक्तियों के झांसे में न आने एवं डिजिटल अरेस्ट के नाम पर की जाने वाली ऐसी मांगों से सावधान रहने संबंधी जानकारी दी गई।
एसपी राजेश व्यास द्वारा बताया गया कि वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें तथा आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। शीघ्र सूचना देने से ठगी की राशि को रोकने की संभावना बढ़ सकती है। साथ ही बताया गया कि साइबर अपराध का शिकार होने पर संकोच या भय के कारण शिकायत करने में देरी न करें। समय पर शिकायत करना, डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखना तथा पुलिस को सही जानकारी देना महत्वपूर्ण है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमति हेमलता अग्रवाल द्वारा कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को महिला संबंधी कानूनी अधिकारों, सुरक्षा प्रावधानों एवं पुलिस की सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने छात्राओं को महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं गरिमा सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए कानूनी प्रावधानों से अवगत कराते हुए महिला उत्पीड़न, छेड़छाड़, पीछा करने, साइबर स्टॉकिंग, सोशल मीडिया पर अभद्र संदेश भेजने, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाने तथा निजी फोटो एवं वीडियो के दुरुपयोग जैसे अपराधों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न अथवा अपराध की स्थिति में छात्राएं भय या संकोच किए बिना पुलिस की सहायता प्राप्त करें तथा अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे आएं। उन्होंने आपातकालीन परिस्थिति में डायल-112, महिला संबंधी सहायता के लिए उपलब्ध पुलिस सेवाओं पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी।
पुलिस थानों का भ्रमण कर समझाई जाएगी पुलिस की कार्यप्रणाली:- एसपी व्यास ने बताया कि योजना के अंतर्गत शिक्षकों एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों के लिए विशेष व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। साथ ही विद्यार्थियों को पुलिस थानों का भ्रमण कराकर थानों की बुनियादी कार्यप्रणाली, प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया, साइबर अपराध, महिला संबंधी अपराधों के कानूनी प्रावधानों तथा आपातकालीन पुलिस सेवा डायल-112 की कार्यप्रणाली की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि किसी अपराध अथवा आपातकालीन परिस्थिति में पुलिस की सहायता किस प्रकार प्राप्त की जा सकती है तथा अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी प्रक्रिया का सहारा कैसे लिया जा सकता है।
कार्यक्रम के अवसर पर पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास द्वारा पुलिस विभाग एवं शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित किये गये जन संवाद कार्यक्रमों में सहभागिता करने वाले छात्र, छात्राओं का उत्साहवर्धन किया जाकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमति हेमलता अग्रवाल, उप पुलिस अधीक्षक महिला सुरक्षा श्रीमति पार्वती गौड़, प्राचार्य डॉ. प्रशांत मिश्रा, कालेज जनभागीदारी समिति अध्यक्ष विश्वदेव शर्मा, प्रोफेसर डॉ संजय जोशी, प्रोफेसर देवी सिंह राठौर सहित बड़ी संख्या में कालेज के छात्र एवं कालेज स्टॉफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर डॉ संजय जोशी द्वारा किया गया।
जिला ब्यूरो ललित सिंह चुंडावत नीमच ✍️
