डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
जबलपुर–डिंडौरी नेशनल हाईवे के शहपुरा बाईपास का मामला, किसान महीनों से अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर
शहपुरा। जबलपुर–डिंडौरी नेशनल हाईवे के शहपुरा बाईपास पर सड़क निर्माण के दौरान बनी पुलिया और जल निकासी की अव्यवस्था अब एक किसान के लिए परेशानी का सबब बन गई है। खेत में पानी भरने से खेती प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए किसान राधाचरण यादव ने प्रशासन से कई बार गुहार लगाई, लेकिन आवेदनों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। किसान का कहना है कि वह लगातार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसकी समस्या जस की तस बनी हुई है।
मामले को लेकर किसान ने सबसे पहले 14 जुलाई 2026 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), शहपुरा के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन में बताया गया कि जबलपुर से अमरकंटक की ओर बन रहे नेशनल हाईवे के बाईपास और जबलपुर–निवास मार्ग के बीच उसकी कृषि भूमि स्थित है। किसान के अनुसार वह इसी भूमि पर खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है।
आवेदन में आरोप लगाया गया कि निर्माण एजेंसी/ठेकेदार द्वारा खेत के पास पुलिया को ऊंचा कर दिए जाने से बारिश के पानी की निकासी प्रभावित हो गई है। इसके चलते पानी खेत में जमा हो रहा है और खेती करना मुश्किल हो गया है। किसान ने मौके की जांच कर खेत से पानी की स्थायी निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की थी।
इसके बाद 22 जुलाई को फिर एसडीएम शहपुरा के नाम आवेदन दिया गया। इसमें किसान ने बताया कि पूर्व में शिकायत करने के बावजूद समस्या का निराकरण नहीं हुआ। खेत में पानी भरा होने के कारण वह कृषि कार्य नहीं कर पा रहा है। आवेदन में यह भी कहा गया कि यदि समस्या का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया तो किसान आंदोलन के लिए मजबूर होगा।
समस्या का समाधान नहीं होने पर किसान ने 28 जुलाई 2026 को कलेक्टर डिंडौरी के नाम भी आवेदन दिया। इसमें उसने दोबारा पूरी स्थिति बताते हुए जबलपुर–डिंडौरी मार्ग पर स्थित पुलिया से पानी की समुचित निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की। आवेदन के मुताबिक खेत में लगातार पानी जमा होने से फसल प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है।
अधिकारियों के दरवाजे पर पहुंचते रहे, खेत में जमा होता रहा पानी
लगातार तीन स्तरों पर शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। किसान का कहना है कि उसकी समस्या केवल खेत में पानी भरने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे उसकी आजीविका प्रभावित हो रही है। यदि जल निकासी की व्यवस्था समय रहते नहीं की गई तो आगामी फसल पर भी इसका असर पड़ सकता है।
निर्माण के साथ जल निकासी की व्यवस्था पर उठे सवाल
मामला नेशनल हाईवे के शहपुरा बाईपास से जुड़ा होने के कारण सड़क निर्माण के साथ जल निकासी की व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। किसान के आरोपों की मौके पर तकनीकी जांच कर यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि पुलिया की ऊंचाई, सड़क निर्माण अथवा अन्य निर्माण कार्य के कारण पानी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हुआ है या नहीं।
फिलहाल किसान की मांग है कि प्रशासन मौके का निरीक्षण कराकर खेत से पानी की स्थायी निकासी की व्यवस्था कराए, ताकि वह अपनी कृषि भूमि पर सामान्य रूप से खेती कर सके। अब देखना यह है कि तीन आवेदनों के बाद प्रशासन की नजर इस समस्या पर कब पड़ती है और किसान को कब राहत मिलती है।
