डिंडौरी मध्यप्रदेश 

रिपोर्ट अखिलेश झारिया 

 

38 संकेतकों की बिंदुवार समीक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष जोर

 

डिंडौरी।  नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा चयनित आकांक्षी विकासखंड बजाग की समीक्षा बैठक बुधवार को जनपद पंचायत सभागार में आयोजित हुई। बैठक में आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, जल संसाधन, वित्तीय समावेशन और बुनियादी ढांचे से जुड़े 38 संकेतकों की बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्यांशु चौधरी ने की।

 

बैठक में जिला योजना अधिकारी एवं संयुक्त कलेक्टर भारती मेरावी, जनपद पंचायत बजाग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सचिन अग्रवाल, जिला योजना कार्यालय से अभिषेक बंसल, आकांक्षी ब्लॉक फेलो डॉ. विकास जैन सहित विभिन्न विभागों के विकासखंड अधिकारी, पर्यवेक्षक, संकुल प्राचार्य एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

 

समीक्षा के दौरान विभिन्न संकेतकों में हुई प्रगति और अपेक्षित सुधार की स्थिति पर चर्चा करते हुए आगामी कार्ययोजना तैयार की गई। जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी ने कहा कि बजाग आकांक्षी विकासखंड शासन की प्राथमिकता में है। ऐसे में योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। बैठक में बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।

 

स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष निगरानी

 

स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान गर्भवती और धात्री महिलाओं से आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से लगातार संपर्क बनाए रखने तथा पोषण आहार की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए। लो बर्थ वेट शिशुओं की संख्या कम करने के लिए उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान और आवश्यक देखभाल सुनिश्चित करने को कहा गया।

 

टीबी मरीजों की सक्रिय पहचान कर उन्हें निक्षय पोषण किट उपलब्ध कराने और नियमित फॉलोअप करने के साथ ही SAM और MAM श्रेणी के कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराने पर भी जोर दिया गया। सभी शासकीय कार्यालयों में विभागवार रोस्टर तैयार कर अधिकारियों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

 

कमजोर विद्यार्थियों के लिए रेमेडियल क्लास

 

शिक्षा विभाग की समीक्षा में बीआरसी और संकुल प्राचार्यों को शिक्षकों की कमी का आकलन कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रशिक्षित शिक्षकों की व्यवस्था तथा कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा गया।

 

पिछले वर्ष 60 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की अलग सूची तैयार कर उनके लिए नियमित रेमेडियल कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए, ताकि शैक्षणिक परिणामों में सुधार लाया जा सके।

अन्य योजनाओं की भी हुई समीक्षा

 

बैठक में हर घर नल-जल योजना, बारिश के दौरान अनाज के सुरक्षित भंडारण, फंगस से बचाव, आजीविका मिशन के तहत अधिक से अधिक महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ने और जन्म-मृत्यु पंजीयन को समय पर अनुमोदित करने की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

 

मलेरिया संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर स्वच्छता संबंधी उपाय करने तथा एफएमडी वैक्सीनेशन का कार्य पोर्टल पर नहीं होने की स्थिति में ऑफलाइन माध्यम से शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को योजनाओं की नियमित निगरानी कर जमीनी स्तर पर बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।

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