डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
नया भवन बनने के वर्षों बाद भी नहीं हुआ शिफ्ट, जर्जर स्कूल में पढ़ने को मजबूर बच्चे
शहपुरा। शुक्रवार शाम आए भीषण आंधी-तूफान और तेज बारिश ने नगर की शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। शहपुरा स्थित सांदीपनि विद्यालय में तेज हवाओं के चलते कक्षा 1 से 4 तक के कमरों के ऊपर लगाया गया भारी टीन शेड और लोहे के एंगल उखड़कर स्कूल मैदान में जा गिरे। घटना के बाद विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज हवाओं के बीच टीन शेड उड़ते हुए मैदान में जा गिरा, जबकि लोहे के भारी एंगल भी अपनी जगह से निकल गए। घटना के बाद स्कूल भवन की जर्जर स्थिति साफ नजर आने लगी। राहत की बात यह रही कि हादसा विद्यालय की छुट्टी के बाद हुआ, अन्यथा बड़ी जनहानि हो सकती थी।
तेज बारिश के कारण विद्यालय के कई कमरों में पानी भर गया और छत से जगह-जगह पानी टपकने लगा। पूरा परिसर जलमग्न दिखाई दिया। पुराने भवन की बदहाल स्थिति सामने आने के बाद अभिभावकों और नगरवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि वर्षों पुराने इस जर्जर भवन में बच्चों को पढ़ाना लगातार खतरे को आमंत्रण देना है।
जानकारी के अनुसार बरसात में छत से होने वाले रिसाव को रोकने के लिए विद्यालय प्रबंधन द्वारा लाखों रुपये खर्च कर टीन शेड लगवाया गया था, लेकिन पहली ही तेज आंधी में पूरा ढांचा धराशायी हो गया। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि नया विद्यालय भवन तैयार होने के करीब दो वर्ष बाद भी वहां कक्षाएं शुरू क्यों नहीं की गईं। नगरवासी लंबे समय से बच्चों को नए भवन में शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते आज भी छात्र जर्जर भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
घटना के बाद अभिभावकों में डर और आक्रोश दोनों का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते विद्यालय को नए भवन में स्थानांतरित नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह बच्चों की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीरता दिखाता है।

