धमतरी। बाल अपराधों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही धमतरी पुलिस की प्रभावी विवेचना और मजबूत पैरवी से POCSO एक्ट के एक गंभीर मामले में पीड़िता को न्याय मिला है। थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत अपराध क्रमांक 311/2025 में माननीय न्यायालय ने आरोपी सुनील उर्फ चोवाराम उर्फ सुमीत डहरे (37 वर्ष, निवासी दानीटोला धमतरी) को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 5000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
इस पूरे मामले की त्वरित और गुणवत्तापूर्ण विवेचना उप निरीक्षक श्रीमती सरिता मानिकपुरी द्वारा की गई थी। उनके द्वारा जुटाए गए ठोस साक्ष्यों और वैधानिक कार्यवाही के बल पर ही आरोपी को कड़ी सजा दिलाना संभव हो सका। विवेचना में दिखाए गए उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) धमतरी श्रीमती भावना पांडेय ने उप निरीक्षक सरिता मानिकपुरी को सेवा पुस्तिका में इनाम (सर्विस बुक एंट्री) देकर पुरस्कृत करने की घोषणा की है। धमतरी पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही कर उन्हें अंजाम तक पहुंचाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
रिपोर्ट;मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ,पुलिसवाला न्यूज़
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