इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि और टी.एस. सिंहदेव के जन्मदिन पर “सेवा संकल्प – विशाल रक्तदान शिविर” संपन्न, आशीष मोनू अवस्थी की टीम ने दिया मानवता और सुरक्षा का संदेश
बिलासपुर, 31 अक्टूबर 2026।
पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव जी के जन्मदिवस पर सेवा, समर्पण और मानवता के संकल्प के साथ आयोजित “सेवा संकल्प – विशाल रक्तदान शिविर” आज भव्यता और सेवा भाव के साथ संपन्न हुआ।
इस पुनीत शिविर का आयोजन श्री आशीष मोनू अवस्थी जी द्वारा किया गया था। अपरिहार्य कारणों से आशीष मोनू अवस्थी जी स्वयं कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके, परंतु उनके विचार, उनकी प्रेरणा और उनके निर्देशन में उनकी पूरी टीम ने सुबह से शाम तक पूरे सेवा भाव के साथ मोर्चा संभाले रखा और कार्यक्रम को सफल बनाया।
शिविर का विवरण – सुबह 10 से शाम 5 बजे तक चला सेवा का महायज्ञ
शिविर का आयोजन बालाजी चैरिटेबल ब्लड सेंटर, मंगला चौक, रामकृष्ण हॉस्पिटल के पीछे, बिलासपुर में प्रातः 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक लगातार 7 घंटे तक चला।
यह शिविर केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि थी। जिस तरह इंदिरा जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया और जिस तरह टी.एस. बाबा ने सदैव छत्तीसगढ़ की अंतिम व्यक्ति तक सेवा को अपना धर्म माना, उन्हीं आदर्शों को आत्मसात कर टीम आशीष मोनू अवस्थी ने इस रक्तदान शिविर के माध्यम से सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की।
जनसैलाब उमड़ा, पर जरूरत के हिसाब से ही लिया गया रक्त – ताकि एक बूंद भी व्यर्थ न जाए
शिविर की सूचना मिलते ही बिलासपुर के युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कॉलेज के छात्र-छात्राएं, युवा, सामाजिक संगठन और जागरूक नागरिक सुबह से ही रक्तदान के लिए कतार में खड़े हो गए। लगभग 150 से अधिक लोगों ने रक्तदान के लिए अपना पंजीयन कराया।
यहाँ टीम ने एक अत्यंत सराहनीय और जिम्मेदार निर्णय लिया। बालाजी चैरिटेबल ब्लड सेंटर की विशेषज्ञ मेडिकल टीम ने सभी इच्छुक दाताओं का हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर और वजन की गहन जांच की। जांच के बाद फिट पाए गए दाताओं में से भी ब्लड बैंक की वर्तमान आवश्यकता और भंडारण क्षमता को देखते हुए जरूरत के हिसाब से ही निर्धारित यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।
टीम के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि, “हमारा उद्देश्य रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि जरूरतमंद की जान बचाना है। यदि जरूरत से ज्यादा रक्त ले लिया जाता है तो वह एक्सपायरी होकर व्यर्थ चला जाता है। हम एक बूंद भी व्यर्थ नहीं जाने देना चाहते। इसलिए जितनी आवश्यकता थी, उतना ही रक्त लिया गया। जिन साथियों का रक्त इस बार नहीं लिया जा सका, उनके जज्बे को हम सलाम करते हैं और उनका पंजीयन कर अगले शिविर में उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।”
रक्तदान के साथ सुरक्षा का संकल्प – हर रक्तदाता को मिला हेलमेट
इस शिविर की सबसे बड़ी और अनूठी विशेषता रही – रक्तदान के साथ सड़क सुरक्षा का संकल्प। टीम ने यह गहरा संदेश दिया कि सड़क हादसों में सबसे ज्यादा खून बहता है। खून देकर जान बचाना जितना पुण्य है, हेलमेट पहनकर अपनी जान बचाना भी उतना ही जरूरी है।
इसी सोच के तहत आयोजक आशीष मोनू अवस्थी जी की ओर से रक्तदान करने वाले प्रत्येक रक्तदाता को सुरक्षा के प्रतीक के रूप में एक ISI मार्का हेलमेट निःशुल्क भेंट कर सम्मानित किया गया।
अर्थात – आपका दिया हुआ रक्त किसी और की जिंदगी बचाएगा और आपको मिला हुआ हेलमेट आपकी अपनी जिंदगी की रक्षा करेगा।
कार्यक्रम के अंत में टीम आशीष मोनू अवस्थी ने बालाजी ब्लड सेंटर की मेडिकल टीम, सभी रक्तदाताओं, मीडिया बंधुओं और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी साथियों का हृदय से आभार व्यक्त किया और यह संकल्प दोहराया कि सेवा का यह क्रम अनवरत जारी रहेगा।
ब्यूरो रिपोर्ट शंकर अघिजा







