गरियाबंद। आदिवासी समाज एवं अन्य पिछड़ी जन जाति की विभिन्न समस्याओं के निराकरण, वनाधिकार, आजीविका, सिंचाई और मूलभूत सुविधाओं की मांगों को लेकर प्रयोग समाज सेवी संस्था ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आदिवासी एवं विशेष पिछड़ी जनजाति कमार-भुंजिया परिवारों के हितों से जुड़ी 10 प्रमुख मांगों को प्रमुखता से उठाया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव ने मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि ये सभी मांगें पूरी तरह जायज हैं और सीधे तौर पर आदिवासी हितों से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की समस्याओं का निराकरण शासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। जरूरत पड़ी तो इन मुद्दों को विधानसभा में भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।

विधायक जनक ध्रुव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर तंज कसते हुए कहा, “मुखिया आदिवासी हैं, मगर आदिवासियों के हितैषी नहीं हैं।” उन्होंने आदिवासी समुदाय की समस्याओं के समाधान और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
ज्ञापन में वनाधिकार अधिनियम के लंबित व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वनाधिकार प्रकरणों का निराकरण, पात्र हितग्राहियों को वनाधिकार पट्टा प्रदान करने, महिला किसानों को अधिकार दिलाने, कमार-भुंजिया परिवारों को आजीविका एवं शासकीय योजनाओं का लाभ देने, जाति प्रमाण पत्र व राशन कार्ड की प्रक्रिया सरल करने तथा सड़क, पेयजल और प्रधानमंत्री आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।
इसके अलावा वन्यजीवों से फसल क्षति पर उचित मुआवजा, जनहानि एवं गंभीर चोटों पर मुआवजा राशि में वृद्धि, अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में पेसा कानून का प्रभावी क्रियान्वयन, किसानों को भूमि सुधार एवं कृषि सुविधाएं तथा गरियाबंद जिले की अधूरी सिंचाई परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा कर सिंचाई सुविधा बहाल करने की मांग भी रखी गई। महिलाओं के लिए वनोपज आधारित गतिविधियों और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
इस अवसर पर सविता रथ, परियोजना समन्वयक; सीताराम सोनवानी, अध्यक्ष, प्रयोग समाज सेवी संस्था; नूरानी जैन, जिला समन्वयक गरियाबंद; राजेंद्र राजपूत, रेवती यादव, सुनीता कुर्रे, हीरौंदी नेताम, जानकी जगत, दिलेश नेताम, देहुती नागेश, मुकेश्वरी, मालती, सातों बाई सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से आदिवासी समाज की लंबित समस्याओं के त्वरित निराकरण और संवैधानिक अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग उठाई गई।

रिपोर्ट नेहरू साहू जिला ब्यूरो गरियाबंद





