15 विशेषज्ञ चिकित्सक, 20 से अधिक एमबीबीएस डॉक्टर, लैब, एक्स-रे और 250 प्रकार की दवाओं की उपलब्धता का दावा; जिला अस्पताल में सीटी स्कैन शुरू, मनेन्द्रगढ़ में भी जल्द सुविधा शुरू होने की तैयारी
मनेन्द्रगढ़। शहर के 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में रात्रिकालीन चिकित्सा व्यवस्था और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता को लेकर नगर पालिका उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं, चिकित्सा सुविधाओं और डॉक्टरों के ड्यूटी रोस्टर पर चर्चा तेज हो गई है। इस बीच अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और अक्टूबर 2026 के प्रथम पखवाड़े के आपातकालीन ड्यूटी रोस्टर को भी सामने रखना जरूरी है, ताकि अस्पताल की व्यवस्था का आकलन तथ्यों के आधार पर किया जा सके।
अस्पताल से संबंधित उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यहां 15 विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ 20 से अधिक एमबीबीएस डॉक्टरों की सेवाएं उपलब्ध होने की बात कही गई है। अस्पताल में पैथोलॉजी लैब, एक्स-रे तथा लगभग 250 प्रकार की दवाओं की उपलब्धता का भी उल्लेख किया गया है। प्रतिदिन करीब 700 मरीजों की ओपीडी होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन आंकड़ों की पुष्टि के लिए अस्पताल प्रबंधन के अद्यतन रिकॉर्ड को आधार बनाया जाना चाहिए।
डॉक्टरों का आपातकालीन ड्यूटी रोस्टर भी महत्वपूर्ण
अस्पताल के उपलब्ध आदेश में अक्टूबर 2026 के प्रथम पखवाड़े के लिए डॉक्टरों का इमरजेंसी ड्यूटी रोस्टर जारी किया गया है। इस रोस्टर में 1 से 15 अक्टूबर तक दिन और रात की ड्यूटी के लिए चिकित्सकों की तिथिवार जिम्मेदारियां दर्ज हैं।
आदेश के अनुसार, दिन की ड्यूटी सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक तथा रात्रिकालीन ड्यूटी रात 9 बजे से अगले दिन सुबह 9 बजे तक निर्धारित की गई है। रोस्टर में कुल 19 चिकित्सकों के नाम दर्ज दिखाई देते हैं। इनमें डॉ. अर्चना तुलसीराम कुशवाह, डॉ. आयुष आनंद, डॉ. प्रगति जगत, डॉ. रोशनी पैकरा, डॉ. अभय कुमार भगत, डॉ. राजकुमार, डॉ. मनोहर सिंह, डॉ. स्वाति सिंह, डॉ. मधु चौहान, डॉ. स्वरज राय, डॉ. नितेश सैकराज, डॉ. दिव्या मीना, डॉ. अनीषा उपाध्याय, डॉ. शालिनी कुमारी, डॉ. शैलेन्द्र सिंह, डॉ. निशा चौधरी, डॉ. रिया एक्का, डॉ. सुभिता तिग्गा और डॉ. शिफा रहमान के नाम शामिल हैं।
यह रोस्टर अस्पताल में निर्धारित आपातकालीन ड्यूटी व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। हालांकि, रोस्टर में नाम दर्ज होना और संबंधित समय पर चिकित्सक की वास्तविक उपलब्धता दो अलग-अलग बातें हैं। इसलिए रात्रिकालीन सेवाओं की प्रभावशीलता का आकलन करने के लिए ड्यूटी उपस्थिति रजिस्टर, मरीजों के उपचार रिकॉर्ड और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सक को बुलाने की व्यवस्था की भी समीक्षा की जानी चाहिए।
700 मरीजों की ओपीडी, स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ा दबाव
मनेन्द्रगढ़ का 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल केवल शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और दूरदराज के इलाकों के मरीजों के लिए भी महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्र है। प्रतिदिन लगभग 700 मरीजों की ओपीडी का आंकड़ा सही होने पर यह स्पष्ट होता है कि अस्पताल पर बड़ी संख्या में मरीजों के उपचार की जिम्मेदारी है।
इतनी बड़ी संख्या में मरीजों को सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त चिकित्सक, प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मचारी, जांच सुविधाएं, दवाएं और व्यवस्थित आपातकालीन सेवाएं आवश्यक हैं। ऐसे में अस्पताल की व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करते समय मरीजों की संख्या और उपलब्ध संसाधनों के अनुपात को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
लैब, एक्स-रे और दवाओं की सुविधा
अस्पताल में अटल आरोग्य लैब, एक्स-रे और करीब 250 प्रकार की दवाओं की उपलब्धता की जानकारी भी सामने आई है। इन सुविधाओं से मरीजों को सामान्य जांच और उपचार में सहायता मिलती है। हालांकि, दवाओं की वास्तविक उपलब्धता, जांचों की संख्या और उपकरणों के नियमित संचालन की स्थिति अस्पताल के रिकॉर्ड से स्पष्ट होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित हो सकता है, जब मरीजों को जरूरत के समय संबंधित जांच, निर्धारित दवाएं और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध हों।
जिला अस्पताल में सीटी स्कैन शुरू, मनेन्द्रगढ़ में भी जल्द सुविधा की तैयारी
क्षेत्र में उन्नत जांच सुविधाओं के विस्तार की दिशा में जिला अस्पताल में सीटी स्कैन सुविधा शुरू हो चुकी है। वहीं, मनेन्द्रगढ़ के 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में भी यह सुविधा जल्द शुरू होने की जानकारी दी गई है। सीटी स्कैन सुविधा शुरू होने से मरीजों को जटिल बीमारियों और गंभीर चोटों की जांच में मदद मिल सकती है तथा जरूरतमंद मरीजों को जांच के लिए दूसरे शहरों में जाने की परेशानी कम होने की उम्मीद है।
मनेन्द्रगढ़ में इस सुविधा के शुरू होने की निश्चित तारीख और वर्तमान तैयारियों की पुष्टि अस्पताल प्रबंधन से की जानी चाहिए।
रेफरल और रात्रिकालीन व्यवस्था पर हो निष्पक्ष समीक्षा
गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर किए जाने के मामलों में यह देखना जरूरी है कि रेफरल किस चिकित्सकीय कारण से किया गया। कई बार मरीज की गंभीर स्थिति, आवश्यक विशेषज्ञता अथवा उपलब्ध संसाधनों की जरूरत के कारण उच्चस्तरीय अस्पताल भेजना आवश्यक होता है। वहीं, यदि किसी मामले में समय पर उपचार उपलब्ध नहीं कराया गया या अनावश्यक देरी हुई, तो उसकी जांच होनी चाहिए।
इसी प्रकार, कर्मचारियों को उनके मूल कार्यस्थल से हटाकर अन्य जिम्मेदारियां सौंपे जाने के आरोपों की समीक्षा संबंधित विभागीय आदेशों, स्वीकृत पदों और अस्पताल की वास्तविक जरूरतों के आधार पर की जानी चाहिए।
सवालों का जवाब रिकॉर्ड से, प्राथमिकता मरीजों का हित
220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, चिकित्सकों की संख्या, ओपीडी और आपातकालीन ड्यूटी रोस्टर को सामने रखना जरूरी है। साथ ही यह भी आवश्यक है कि अस्पताल प्रबंधन रात्रिकालीन विशेषज्ञ सेवाओं, रेफरल व्यवस्था और कर्मचारियों की तैनाती को लेकर उठे सवालों पर तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करे।
अस्पताल की उपलब्ध सुविधाओं को नजरअंदाज करना उचित नहीं है, लेकिन केवल सुविधाओं की सूची के आधार पर हर व्यवस्था को संतोषजनक भी नहीं माना जा सकता। सही आकलन उपलब्ध संसाधनों, वास्तविक सेवाओं और मरीजों के अनुभव—तीनों के आधार पर ही संभव है। अंततः उद्देश्य आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि मनेन्द्रगढ़ और आसपास के क्षेत्र के मरीजों को बेहतर, सुलभ और समय पर उपचार उपलब्ध कराना होना चाहिए।
रिपोर्ट – योगेन्द्र प्रताप सिंह ब्यूरो चीफ







