दो वर्षों में अपार लोकप्रियता हासिल कर चुका चिरमिरी का रास गरबा महोत्सव इस बार नए उत्साह और भव्यता के साथ होगा आयोजित — 14, 15 और 16 अक्टूबर को लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम, गोदरीपारा में उमड़ेगा उत्सव का रंग
चिरमिरी – एमसीबी – शारदीय नवरात्र केवल मां दुर्गा की आराधना का पर्व नहीं, बल्कि आस्था, भक्ति, संस्कार और नारी शक्ति के सम्मान का भी महापर्व है। इसी आध्यात्मिक भावना को उत्सव के रंगों में पिरोते हुए चिरमिरी में आयोजित होने वाला रास गरबा महोत्सव अब शहर की सांस्कृतिक पहचान बनता जा रहा है। बीते दो वर्षों में लोगों के बीच मिली अपार लोकप्रियता और उत्साहजनक सहभागिता के बाद इस वर्ष रास गरबा आयोजन समिति, चिरमिरी द्वारा रास गरबा महोत्सव सीजन-3 प्रस्तुत किया जा रहा है।
14, 15 एवं 16 अक्टूबर 2026 को लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम, गोदरीपारा, चिरमिरी में आयोजित होने वाला यह तीन दिवसीय महोत्सव धार्मिक आस्था, पारंपरिक गरबा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और संगीत के माध्यम से श्रद्धालुओं को एक विशेष अनुभव प्रदान करेगा। आयोजन का उद्देश्य केवल गरबा नृत्य तक सीमित नहीं है, बल्कि मां दुर्गा की आराधना के साथ भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और महिलाओं की शक्ति एवं प्रतिभा को सम्मानित करने का एक साझा मंच तैयार करना भी है।
दो वर्षों की लोकप्रियता, तीसरे सीजन से बढ़ीं उम्मीदें
चिरमिरी के रास गरबा महोत्सव ने अपने शुरुआती दो वर्षों में जिस तरह लोगों के दिलों में जगह बनाई, उसने इस आयोजन को लेकर नई उम्मीदें पैदा की हैं। नवरात्र के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजे प्रतिभागियों, गरबा की लय पर थिरकते कदमों और मां दुर्गा के जयकारों से उत्सव का वातावरण भक्तिमय बनता है। इस आयोजन से जुड़ाव केवल युवाओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि महिलाएं, परिवार और विभिन्न आयु वर्ग के लोग भी अपनी सहभागिता से इसे सामूहिक उत्सव का रूप देते हैं।
सीजन-3 के माध्यम से आयोजन समिति इसी परंपरा को और आगे बढ़ाने की तैयारी में है। उद्देश्य है कि चिरमिरी का यह गरबा महोत्सव धार्मिक श्रद्धा के साथ-साथ सांस्कृतिक एकता, सामाजिक सद्भाव और सकारात्मक पारिवारिक सहभागिता का प्रतीक बने।
महिलाओं के लिए आस्था, भक्ति और मातृशक्ति का उत्सव
रास गरबा महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता इसका आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप है। मां दुर्गा की आराधना भारतीय समाज में नारी शक्ति, साहस, करुणा और सृजन की भावना का प्रतीक मानी जाती है। गरबा की प्रत्येक परिक्रमा इसी श्रद्धा और सामूहिक भक्ति की अनुभूति कराती है।
यह महोत्सव महिलाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने, पारंपरिक परिधानों और लोकनृत्य के माध्यम से अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा एक सकारात्मक सामाजिक वातावरण में भागीदारी का अवसर प्रदान करता है। मां दुर्गा के नौ रूपों से प्रेरणा लेते हुए यह आयोजन मातृशक्ति के सम्मान, आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता का संदेश भी देता है।
भक्ति के साथ संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की विशेष छटा
आयोजन के प्रचार पोस्टर के अनुसार इस वर्ष महोत्सव में डॉ. पी. शर्मा, प्रीति, शरद और शीतल सहित कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में रंग भरेंगे। पोस्टर में मध्य भारत की शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ संगीत और लाइव ऑर्केस्ट्रा की झलक भी दिखाई गई है। इससे आयोजन में पारंपरिक गरबा के साथ मनोरंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आकर्षण जुड़ने की उम्मीद है।
महोत्सव के संरक्षक के रूप में विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री मा. श्याम बिहारी जायसवाल जी का नाम आयोजन के पोस्टर में अंकित है। आयोजन समिति इस महोत्सव के माध्यम से चिरमिरी की सांस्कृतिक सक्रियता और सामाजिक सहभागिता को एक नई पहचान देने का प्रयास कर रही है।
चिरमिरीवासियों से आयोजन समिति की विशेष अपील
रास गरबा आयोजन समिति, चिरमिरी ने शहरवासियों, माताओं-बहनों, युवाओं और समस्त श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे शारदीय नवरात्र के इस पावन अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर मां दुर्गा की आराधना और गरबा महोत्सव की शोभा बढ़ाएं।
समिति का संदेश है कि यह उत्सव किसी एक व्यक्ति, परिवार या वर्ग का नहीं, बल्कि पूरे चिरमिरी का साझा सांस्कृतिक पर्व है। हर परिवार की सहभागिता, हर महिला की ऊर्जा, हर युवा का उत्साह और हर श्रद्धालु की भक्ति इस आयोजन को यादगार बना सकती है।
आइए, हम सब मिलकर मां दुर्गा के चरणों में श्रद्धा के पुष्प अर्पित करें, भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाएं और चिरमिरी के रास गरबा महोत्सव सीजन-3 को आस्था, एकता, उत्साह और मातृशक्ति के सम्मान का भव्य उत्सव मनाएं ।
रिपोर्ट – योगेन्द्र प्रताप सिंह ब्यूरो चीफ







