स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने खड़गवां, सोनहत, बतौली और घरघोड़ा को किया टीबी मुक्त घोषित, 4676 ग्राम पंचायतें भी अभियान में हासिल कर चुकी हैं उपलब्धि

एमसीबी,खड़गवां। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम एवं टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। खड़गवां के जनपद मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के चार विकासखंडों को टीबी मुक्त घोषित किया गया। इनमें एमसीबी जिले के खड़गवां और सोनहत, जशपुर जिले का बतौली तथा रायगढ़ जिले का घरघोड़ा विकासखंड शामिल हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल शामिल हुए। उनके साथ स्वास्थ्य विभाग के उप संचालक संजीव कुमार झा, एमसीबी कलेक्टर संतन देवी जांगड़े, जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

भारत मंडपम दिल्ली से हुआ ‘नेशनल जोश टीम’ का शुभारंभ
राज्य स्तरीय कार्यक्रम से पूर्व नई दिल्ली के भारत मंडपम से राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन एवं टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत ‘नेशनल जोश टीम’ का शुभारंभ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा द्वारा किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भी वर्चुअली जुड़ा और राज्य स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से अभियान का हिस्सा बना।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को वर्ष 2030 से पहले टीबी मुक्त करने के लक्ष्य को लेकर लगातार तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस गति से देश में टीबी उन्मूलन की दिशा में प्रयास हो रहे हैं, उससे भारत निर्धारित समय से पहले ही टीबी मुक्त होने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल कर सकता है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में अभियान की शुरुआत की गई थी। अभियान के पहले चरण में ‘जोश टीम’ घर-घर जाकर फ्लिप कार्ड के माध्यम से लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करेगी। इस अवसर पर जोश टीम से संबंधित सामग्री का विमोचन भी किया गया।
‘खुशी’ एप से टीबी मरीजों को मिलेगी डिजिटल मदद
टीबी मुक्त भारत अभियान के साथ ई-संगिनी को भी जोड़ा गया है, जिसे ‘खुशी अवतार’ नाम दिया गया है। यह डिजिटल माध्यम टीबी मरीजों को दवा लेने की जानकारी देने, दवा छूट जाने की स्थिति में आवश्यक मार्गदर्शन देने और बीमारी से जुड़े सवालों का जवाब उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
इसमें चैट बॉक्स के माध्यम से सवाल पूछे जा सकते हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यह सुविधा 12 भाषाओं में उपलब्ध होगी और कम इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में भी उपयोगी होगी। इस दौरान ‘जोश ब्रोशर’ एवं ‘जोश लोगो’ का भी अनावरण किया गया।
चार विकासखंडों को टीबी मुक्त घोषित कर देश में छत्तीसगढ़ ने हासिल की बड़ी उपलब्धि
खड़गवां के जनपद मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में किए जा रहे कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी आंकड़ों के माध्यम से प्रस्तुत की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य विभाग के उप संचालक संजीव कुमार झा ने कहा कि देश में टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। राज्य के चार विकासखंडों को टीबी मुक्त घोषित किया जाना गौरव का विषय है।
उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों, मितानिन बहनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और आम जनता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि ‘जोश टीम’ का उद्देश्य लोगों में टीबी को लेकर व्याप्त भय और भ्रम को दूर करना, मरीजों को इलाज के लिए प्रेरित करना तथा उन्हें स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। सामुदायिक सहभागिता के बिना यह लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है।
स्वास्थ्य मंत्री बोले—सामुदायिक सहयोग से ही संभव हुआ टीबी मुक्त छत्तीसगढ़
राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, मितानिन बहनें, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि और ग्रामीणों के सहयोग के बिना टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं था।
उन्होंने सभी सहयोगियों को बधाई देते हुए कहा कि जिस विकसित भारत 2047 की कल्पना की जा रही है, उसे साकार करने के लिए देश की युवा शक्ति और सामुदायिक सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत में युवाओं की संख्या दुनिया में सबसे अधिक है। केवल आर्थिक संपन्नता से विकसित भारत का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता, इसके लिए देश और प्रदेश का स्वस्थ होना भी आवश्यक है।
स्वास्थ्य मंत्री ने टीबी उन्मूलन में सरपंचों और ग्राम पंचायतों की भूमिका की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी अपने स्तर पर जिम्मेदारी लेकर टीबी उन्मूलन अभियान को आगे बढ़ाए तो जिलों को टीबी मुक्त बनाने में और तेजी लाई जा सकती है।
30 हजार से अधिक ‘निक्षय मित्र’, 1.43 लाख मरीजों को पोषण आहार
स्वास्थ्य मंत्री ने अभियान की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि प्रदेश में 30,267 निक्षय मित्र बनाए गए हैं। इनके माध्यम से 1,43,180 टीबी मरीजों को पोषण आहार उपलब्ध कराया गया है।
प्रदेश में 24 लाख से अधिक एक्स-रे स्क्रीनिंग की जा चुकी है। टीबी मरीजों की पहचान और चिन्हांकन के लिए केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को 132 एक्स-रे मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 4,676 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित हो चुकी हैं। लगातार स्क्रीनिंग और समय पर उपचार के माध्यम से टीबी उन्मूलन अभियान को मजबूत किया जा रहा है।
अन्य संक्रामक बीमारियों पर भी छत्तीसगढ़ ने दिखाई मजबूती
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मलेरिया, डायरिया और स्वाइन फ्लू जैसी चुनौतियों के दौरान भी प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावी ढंग से काम किया। इन बीमारियों के सैकड़ों मामलों के बावजूद प्रदेश में इनसे किसी मौत का होना सामने नहीं आया, जो स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता और प्रभावी उपचार व्यवस्था को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ टीबी मुक्त विकासखंड घोषित करने वाले राज्यों में अग्रणी रहा है। इससे पहले भी आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश में बेहतर प्रदर्शन कर चुका है। लगातार मिल रही उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर परिणाम देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
मातृ-शिशु मृत्यु दर में भी सुधार
स्वास्थ्य मंत्री ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में मातृत्व-शिशु मृत्यु दर को कम करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह आंकड़ा पहले 146 था, जो दो वर्षों में घटकर 124 तक पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को और कम करने के लिए प्रदेश में FRU सेंटर स्थापित करने की योजना है। इससे गर्भवती महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी और समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।

टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों को गांधी प्रतिमाओं से सम्मान
कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने टीबी मुक्त घोषित किए गए चारों विकासखंडों के जनपद अध्यक्ष एवं ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को शाल, श्रीफल, प्रमाणपत्र एवं गांधीजी की प्रतिमा प्रदान कर सम्मानित किया।
इसके साथ ही उन ग्राम पंचायतों के सरपंच प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने टीबी मुक्त अभियान में उल्लेखनीय योगदान दिया।
ग्राम पंचायतों को उपलब्धि के आधार पर तीन श्रेणियों में सम्मानित किया गया। 2023, 2024 और 2025 तक लगातार टीबी मुक्त रहने वाली ग्राम पंचायतों को गोल्डन गांधी प्रतिमा, दो वर्षों तक टीबी मुक्त रहने वाली पंचायतों को सिल्वर गांधी प्रतिमा तथा वर्ष 2025 में टीबी मुक्त होने वाली पंचायतों को ब्रांज रंग की गांधी प्रतिमा प्रदान कर सम्मानित किया गया।
स्वास्थ्य शिविर में हितग्राहियों को मिली सुविधाएं
कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा हेल्थ कैंप का भी आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। इस दौरान 5 हितग्राहियों को चश्मे, जरूरतमंदों को छड़ी तथा 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड स्वास्थ्य मंत्री के हाथों वितरित किए गए।

ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में एमसीबी कलेक्टर संतन देवी जांगड़े, जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम, चिरमिरी महापौर राम नरेश राय, सभापति संतोष सिंह, नगर पालिका मनेंद्रगढ़ अध्यक्ष प्रतिमा यादव, नगर पंचायत झगराखांड अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा, पूर्व महापौर डमरू बेहरा, जनपद अध्यक्ष श्याम बाई मरकाम, जनपद अध्यक्ष सोनहत, विधायक प्रतिनिधि राजू नायक, जिला भाजपा महामंत्री द्वारिका जायसवाल, मुकेश जायसवाल, जनपद उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह कड़ियां, रवि सिंह, जनपद सीईओ खड़गवां, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एमसीबी डॉ. अविनाश खरे, डीपीएम शिशिर जायसवाल, अस्पताल अधीक्षक मनेंद्रगढ़ डॉ. स्वप्निल तिवारी, सीएस चिरमिरी अभय तोमर, बीपीएम राजकुमार रजवाड़े, पुलिस प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन बहनें, विभिन्न पंचायतों के सरपंच एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – योगेन्द्र प्रताप सिंह ब्यूरो चीफ







