विभाग ने अधीक्षक की कुर्सी संभाल रहे शिक्षको को भी मूल संस्था भेजने के दिए निर्देश
अवनि एक्सप्रेस
जिला ब्यूरो चीफ डिंडौरी
अखिलेश झारिया
डिंडौरी। जिले के छात्रावासों, आश्रम शालाओं और आवासीय विद्यालयों में वर्षों से एक ही पद पर जमे अधीक्षकों की व्यवस्था अब बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त तरुण राठी द्वारा 30 सितंबर 2026 को जारी आदेश में सात वर्ष से अधिक समय से पदस्थ छात्रावास अधीक्षक एवं अधीक्षिकाओं को स्थानांतरित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। खास बात यह है कि सात वर्ष की अवधि पूरी कर चुके अधीक्षकों को केवल एक छात्रावास से हटाकर दूसरे छात्रावास में फिर से प्रभार देने पर भी रोक लगाई गई है।
5 से 7 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य
आदेश के मुताबिक सात वर्ष से अधिक समय से एक ही संस्था में पदस्थ अधीक्षकों को 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक e-HRMS पोर्टल पर अनिवार्य रूप से स्थानांतरण आवेदन करना होगा। आवेदन में अधीक्षक अधिकतम 15 स्थानों का विकल्प दे सकेंगे। विकल्प वाले स्थानों पर पद रिक्त नहीं होने की स्थिति में विभाग द्वारा अन्य छात्रावास, आश्रम शाला अथवा विकासखंड में पदस्थापना की जा सकेगी।
निर्धारित अवधि में आवेदन नहीं करने वाले अधीक्षकों के संबंध में विभाग अपने स्तर से नियमानुसार स्थानांतरण की कार्रवाई कर सकेगा।
दूसरे चरण में 12 से 14 अक्टूबर तक प्रक्रिया
आदेश में स्थानांतरण की आगे की प्रक्रिया के लिए 12 से 14 अक्टूबर 2026 तक का समय भी निर्धारित किया गया है। रिक्त पदों के लिए संबंधित शैक्षणिक संस्थाओं के शिक्षकों से e-HRMS पोर्टल के माध्यम से आवेदन लिए जाने की व्यवस्था की गई है। यानी विभाग ने केवल पुराने अधीक्षकों को हटाने तक ही प्रक्रिया सीमित नहीं रखी, बल्कि रिक्त होने वाले पदों पर नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी भी कर ली है।
अधीक्षक एक संस्था का, वेतन दूसरी से—अब न
हीं चलेगा
आदेश का सबसे अहम पहलू उन शिक्षकों से जुड़ा है, जो किसी छात्रावास का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं, लेकिन उनका वेतन किसी दूसरी संस्था से आहरित हो रहा है। ऐसे शिक्षकों को तत्काल उनकी मूल संस्था में भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके बाद जिला कलेक्टर के अनुमोदन से छात्रावास मुख्यालय की शाला के किसी अन्य शिक्षक को अधीक्षक का दायित्व सौंपा जाएगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि छात्रावास संचालन में एक छात्रावास-एक अधीक्षक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
सात साल पूरे किए तो दूसरे छात्रावास की कुर्सी भी नहीं
विभाग ने सात वर्ष की अवधि पूरी कर चुके अधीक्षकों के संबंध में भी स्थिति स्पष्ट कर दी है। ऐसे अधीक्षकों को स्थानांतरण के बाद किसी अन्य छात्रावास का प्रभार दोबारा नहीं दिया जाएगा। इससे लंबे समय से एक ही व्यवस्था में बने रहने वाले अधीक्षकों पर सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।
आदेश में यह भी कहा गया है कि किसी संस्था में अधीक्षक/अधीक्षिका के पद पर सात वर्ष से अधिक पदस्थापना नहीं रहे, इसके लिए जिले में पदस्थापित शिक्षकों की कार्य अवधि की समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
डिंडौरी में वर्षों से जमी व्यवस्था पर उठते रहे हैं सवाल
आदिवासी बाहुल्य डिंडौरी जिले में छात्रावासों और आश्रम शालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। लंबे समय से एक ही स्थान पर अधीक्षक बने रहने, मूल पदस्थापना और छात्रावास में दायित्व के बीच अंतर तथा छात्रावास मुख्यालय में अधीक्षकों की उपलब्धता को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं।
कई स्थानों पर भोजन की गुणवत्ता, निर्धारित मीनू, विद्यार्थियों को दैनिक उपयोग की सामग्री और छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर भी शिकायतें चर्चा में रही हैं। ऐसे में अब आयुक्त के आदेश के बाद विभागीय व्यवस्था में बदलाव को लेकर जिले में निगाहें टिक गई हैं।
सिर्फ तबादला नहीं, आदेश की असली परीक्षा पालन में
सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि सात वर्ष से अधिक समय से जमे अधीक्षकों की वास्तविक सूची तैयार कर विभाग कितनी निष्पक्षता से कार्रवाई करता है। यदि किसी अधीक्षक को एक छात्रावास से हटाकर दूसरे छात्रावास में फिर से प्रभार दे दिया गया, तो सात वर्ष की सीमा तय करने के आदेश की मूल भावना पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
वहीं, मूल संस्था से वेतन लेने वाले और दूसरे छात्रावास में प्रभार संभालने वाले शिक्षकों को लेकर भी अब विभाग को स्थिति साफ करनी होगी। आदेश कागज पर सख्त है, लेकिन डिंडौरी में इसकी असली तस्वीर कार्रवाई के बाद ही सामने आएगी।
इन बिंदुओं पर भी आदेश में जोर
सात वर्ष से अधिक समय से पदस्थ अधीक्षकों का स्थानांतरण।
5 से 7 अक्टूबर तक e-HRMS पर आवेदन अनिवार्य।
अधिकतम 15 पदस्थापनाओं का विकल्प देने की सुविधा।
निर्धारित समय में आवेदन नहीं करने पर विभाग अपने स्तर से स्थानांतरण कर सकेगा।
मूल संस्था से वेतन लेने वाले और अन्य छात्रावास का प्रभार संभाल रहे शिक्षकों को मूल संस्था भेजने के निर्देश।
सात वर्ष पूर्ण कर चुके अधीक्षकों को दूसरे छात्रावास का प्रभार नहीं देने के निर्देश।
एक छात्रावास-एक अधीक्षक व्यवस्था लागू करने पर जोर।
कन्या छात्रावास/आश्रम/आवासीय विद्यालय में अधीक्षक पद के लिए महिला शिक्षक का आवेदन मान्य।
गलत जानकारी देने अथवा गलत सत्यापन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश।







