डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
जल्दा-मुढियां के ग्रामीणों ने मंडला–डिंडौरी नेशनल हाईवे पर किया चक्काजाम, स्कूली बच्चों और मरीजों की परेशानी बताई; अधिकारियों के आश्वासन के बाद खुला जाम
डिंडौरी। जिला मुख्यालय के नजदीक ग्राम जल्दा-मुढियां के ग्रामीणों का वर्षों पुराना सड़क का इंतजार शनिवार को आंदोलन में बदल गया। गांव तक पक्की सड़क निर्माण की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मंडला–डिंडौरी नेशनल हाईवे पर उतर आए और चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के दशकों बाद भी गांव के लोगों को पक्की सड़क की सुविधा नहीं मिल सकी है। बारिश के दिनों में कच्चा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों और आम ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
चक्काजाम के कारण मंडला–डिंडौरी मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। ग्रामीण सड़क निर्माण को लेकर ठोस पहल की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि सड़क के लिए कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने के कारण मजबूर होकर उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा।
बारिश में कीचड़ बन जाता है रास्ता
ग्रामीणों के मुताबिक गांव तक पहुंचने वाला कच्चा रास्ता सामान्य दिनों में भी आवागमन के लिए परेशानी का कारण बनता है, जबकि बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। रास्ते में कीचड़ और फिसलन के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को होती है। आपात स्थिति में मरीज को अस्पताल तक पहुंचाना भी ग्रामीणों के लिए चुनौती बन जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास और मूलभूत सुविधाओं के तमाम दावों के बीच गांव की सड़क आज भी पक्की नहीं हो सकी है। वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलने से ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ती गई।
आवेदन देते-देते थके तो हाईवे पर बैठे ग्रामीण
ग्रामीणों के अनुसार सड़क निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों और विभाग के समक्ष कई बार आवेदन एवं मांग रखी जा चुकी है। इसके बावजूद धरातल पर निर्माण शुरू नहीं हुआ। शनिवार को ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया और बड़ी संख्या में लोग मंडला–डिंडौरी नेशनल हाईवे पर पहुंचकर चक्काजाम पर बैठ गए।
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उन्हें केवल मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई चाहिए। चक्काजाम के चलते मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित होने की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने देखी कच्ची सड़क, आश्वासन के बाद खुला जाम
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्या सुनी। इसके बाद अधिकारियों ने गांव की कच्ची सड़क की स्थिति का जायजा भी लिया। ग्रामीणों को सड़क निर्माण की दिशा में जल्द पहल करने का आश्वासन दिया गया। अधिकारियों से मिले आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त किया और मंडला–डिंडौरी मार्ग पर यातायात बहाल हो सका।
हालांकि अब ग्रामीणों की निगाह इस बात पर टिकी है कि मौके पर मिला आश्वासन कब धरातल पर उतरता है और वर्षों से पक्की सड़क की प्रतीक्षा कर रहे जल्दा-मुढियां के लोगों को आवागमन की स्थायी सुविधा कब मिलती है।







