डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
राजस्व कार्यों में लापरवाही पर 9 कर्मचारियों की वेतनवृद्धि रोकी
डिंडौरी, 27 अगस्त। राजस्व कार्यों के निर्धारित दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और लंबित प्रकरणों के निराकरण में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने राजस्व अमले के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। जिले के 9 राजस्व अधिकारी-कर्मचारियों की एक वार्षिक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए गए हैं।
दरअसल, 17 जुलाई 2026 को आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में ई-रजिस्ट्रेशन, आधार आरओआर, सीमांकन सहित विभिन्न राजस्व कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई थी। इस दौरान संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने और निर्धारित दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही कार्यों की स्थिति स्पष्ट करते हुए जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया था।
निर्देशों के बाद भी अपेक्षित सुधार नहीं होने पर 22 जुलाई को संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1965 के नियम-10 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए एक वार्षिक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए गए।
कार्रवाई की जद में राजस्व निरीक्षक राजेन्द्र मरकाम, हेमंत उईके, संजय मरकाम, सुखदेव सिंह भवेदी, बलसिंह बल्को और तीरथ प्रसाद संत तथा पटवारी संजय परस्ते, शैलेन्द्र मार्को और विजय नेताम शामिल हैं।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही, उदासीनता और निर्धारित दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राजस्व अमले को सभी प्रकरणों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।






