स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई गति, डॉक्टरों और स्टाफ की सेवा भावना बनी पहचान
संभाग के प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में अपनी अलग पहचान बनाता मनेंद्रगढ़ का 220 विस्तरीय अस्पताल।
मनेंद्रगढ़ – एमसीबी –
मनेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र स्थित 220 बिस्तर वाले मनेंद्रगढ़ चिकित्सालय में इन दिनों क्षेत्रवासियों का भरोसा लगातार बढ़ता जा रहा है। चिकित्सालय की ओपीडी में प्रतिदिन 500 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। यह बढ़ती संख्या केवल भीड़ का संकेत नहीं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों के मजबूत होते विश्वास की भी तस्वीर प्रस्तुत करती है।
पिछले कुछ समय में चिकित्सालय में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, चिकित्सा सेवाओं की निरंतर उपलब्धता तथा डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय कार्यशैली का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज यहां इलाज कराने पहुंच रहे हैं।
मनेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। विभागीय जिम्मेदारियों के साथ-साथ वे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा कर आवश्यक सुधारों के निर्देश देते रहे हैं। जनता के प्रति उत्तरदायित्व की भावना और लंबे समय तक कार्य करने की उनकी कार्यशैली का प्रभाव स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली में भी दिखाई देता है।
मनेंद्रगढ़ चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सक मरीजों के उपचार को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी संवेदनशीलता और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। सामान्य ओपीडी से लेकर विशेषज्ञ परामर्श तक, चिकित्सकों की टीम लगातार मरीजों की जांच एवं उपचार में जुटी रहती है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों का व्यवहार सहयोगात्मक है तथा उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध हो रहा है।
केवल चिकित्सक ही नहीं, बल्कि नर्सिंग स्टाफ, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट, वार्ड बॉय, सफाई कर्मचारी और अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी अपनी जिम्मेदारियों का कुशलता से निर्वहन कर रहे हैं। पंजीयन काउंटर से लेकर जांच, दवा वितरण और वार्ड प्रबंधन तक चिकित्सालय का पूरा स्टाफ मरीजों की सुविधा सुनिश्चित करने में सक्रिय दिखाई देता है।
चिकित्सालय में बढ़ती ओपीडी यह संकेत देती है कि अब लोग निजी अस्पतालों की अपेक्षा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक भरोसा जता रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण उपचार, उपलब्ध दवाइयां, जांच सुविधाएं और चिकित्सकीय सेवाओं ने आमजन का विश्वास मजबूत किया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी प्रकार स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, संसाधनों की उपलब्धता और चिकित्सकीय गुणवत्ता बनाए रखी गई तो मनेंद्रगढ़ चिकित्सालय आने वाले समय में पूरे संभाग के प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में अपनी अलग पहचान स्थापित कर सकता है।
संवाददाता – योगेन्द्र प्रताप सिंह ब्यूरो चीफ







