डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
ग्राम सभा की सहमति के बिना परियोजना लागू करने का आरोप, लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
डिंडौरी। राघोपुर-मरवारी बहुद्देशीय बांध परियोजना के विरोध में गुरुवार को डिंडौरी जिले के जोगी टिकरिया गांव के पास ग्रामीणों और प्रभावित किसानों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। दोपहर करीब 2 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे कई घंटों तक आवागमन प्रभावित रहा। आंदोलन की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा प्रदर्शनकारियों से लगातार चर्चा कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास करते रहे।
ग्रामीणों का आरोप है कि राघोपुर-मरवारी बहुद्देशीय परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण एवं निर्माण कार्य ग्राम सभाओं की सहमति और प्रभावित किसानों की अनुमति के बिना आगे बढ़ाया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रस्तावित बांध से पांच दर्जन से अधिक गांव प्रभावित होंगे तथा हजारों लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़ेगा। इसी आशंका को लेकर क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से परियोजना का विरोध कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्होंने पूर्व में कलेक्टर डिंडौरी के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर 25 जून को चक्काजाम आंदोलन की चेतावनी दी थी। मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने के बाद गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए।
पेसा कानून और भूमि अधिग्रहण कानून के उल्लंघन का आरोप
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि राघोपुर-मरवारी बहुद्देशीय परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पेसा कानून, पांचवीं अनुसूची तथा भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम-2013 के प्रावधानों की अनदेखी कर संचालित की जा रही है। उनका कहना है कि अनुसूचित क्षेत्रों में किसी भी परियोजना के लिए ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य है, लेकिन इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
2023 में ग्राम सभा ने पारित किया था विरोध प्रस्ताव
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2023 में कलगीटोला ग्राम पंचायत की विशेष ग्राम सभा में किसानों ने सर्वसम्मति से राघोपुर-मरवारी बहुद्देशीय परियोजना को निरस्त करने का प्रस्ताव पारित किया था। इसके बावजूद परियोजना को आगे बढ़ाने की कार्रवाई जारी है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
हाईकोर्ट में मामला लंबित होने का दावा
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि परियोजना निरस्तीकरण से संबंधित मामला जबलपुर हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों द्वारा भूमि अधिग्रहण एवं निर्माण संबंधी कार्रवाई जारी रखी जा रही है, जिसे ग्रामीण आदिवासी समुदाय के संवैधानिक एवं पारंपरिक अधिकारों का उल्लंघन बता रहे हैं।
प्रशासनिक अमला और भारी पुलिस बल रहा तैनात
आंदोलन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मौके पर एसडीएम रामबाबू देवांगन, एसडीओपी सतीश द्विवेदी, तहसीलदार, शाहपुर थाना प्रभारी सहित डिंडौरी एवं शाहपुर क्षेत्र का भारी पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से लगातार चर्चा कर स्थिति को नियंत्रित करने और यातायात बहाल कराने का प्रयास किया। सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की लगातार नजर बनी रही।
लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े ग्रामीण
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि वे केवल मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे। उनकी मांग है कि प्रशासन लिखित रूप से यह आश्वासन दे कि राघोपुर-मरवारी बहुद्देशीय परियोजना से संबंधित निर्माण कार्य और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रोकी जाएगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा तथा जिले के अन्य आदिवासी क्षेत्रों में भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है







