डिंडौरी मध्यप्रदेश
डिंडौरी। नगर परिषद शहपुरा की मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) रीना सिंह राठौर को वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोपों की जांच में प्रथम दृष्टया शिकायतें सही पाए जाने के बाद मध्यप्रदेश शासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई नगर परिषद अध्यक्ष शालिनी अरुण अग्रवाल की शिकायत पर गठित तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
जारी निलंबन आदेश के अनुसार सीएमओ रीना सिंह राठौर पर नगर परिषद में जेम पोर्टल एवं ऑफलाइन माध्यम से नियमों के विपरीत अपने पसंदीदा ठेकेदारों से अधिक दरों पर सामग्री क्रय करने, कोटेशन के माध्यम से निर्माण कार्य कराकर शासकीय राशि के दुरुपयोग सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। शिकायत की जांच संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, जबलपुर संभाग द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति ने की, जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई।
जांच में सामने आईं कई गंभीर अनियमितताएं
जांच प्रतिवेदन में नगर परिषद शहपुरा में स्वागत गेट निर्माण में वास्तविक लागत से अधिक भुगतान, किराये के वाहन लगाने में अनियमितता, सक्षम स्वीकृति के बिना डे-एनयूएलएम योजना के तहत भुगतान तथा मानस भवन स्थित डी-ब्लॉक की दुकानों की नीलामी में गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है।
इसके अलावा शिकायत में बिना सक्षम स्वीकृति के एमआरएफ सेंटर में टीन शेड निर्माण, परिषद की मंजूरी के बिना एनजीओ को नियुक्त कर प्रतिमाह लगभग दो लाख रुपये का भुगतान, जल गंगा संवर्धन योजना के अंतर्गत कथित फर्जी वाटर हार्वेस्टिंग निर्माण तथा परिषद अध्यक्ष की अनुमति के बिना बैठकें आयोजित करने और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से अभद्र व्यवहार करने जैसे आरोप भी शामिल थे।
पहले से चल रही हैं चार विभागीय जांच
शासन के आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि रीना सिंह राठौर के विरुद्ध पहले से ही विभिन्न नगर निकायों में पदस्थापना के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर चार विभागीय जांच लंबित हैं। इनमें चंदरी नगर पालिका में नामांतरण, भवन अनुमति, ठेकेदार भुगतान एवं सामग्री क्रय, ब्यौहारी नगर परिषद में गुणवत्ताविहीन सड़क निर्माण संबंधी लोकायुक्त जांच, नौरोजाबाद में मोबाइल टॉयलेट एवं काउ कैचर खरीदी तथा चंदिया नगर परिषद में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले शामिल हैं।
इतना ही नहीं, चंदिया नगर परिषद में पदस्थापना के दौरान दर्ज अपराध प्रकरण क्रमांक 228/2019 में उनके विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति भी राज्य शासन द्वारा पूर्व में प्रदान की जा चुकी है।
शासन ने माना अनुशासनहीनता का मामला
निलंबन आदेश में कहा गया है कि रीना सिंह राठौर का आचरण उनके पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता तथा शासन के प्रति संदिग्ध निष्ठा को दर्शाता है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए मध्यप्रदेश नगरपालिका सेवा (कार्यपालन) नियम, 1973 के नियम 36(1) के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास (यांत्रिकी प्रकोष्ठ), संभाग-जबलपुर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।
रिपोर्ट अखिलेश झारिया









