शहडोल। वीर शिरोमणि हिन्दुआ सूर्य महाराणा प्रताप की जयंती पर सरस्वती उमावि पाण्डव नगर में आयोजित भव्य समारोह सामाजिक जागरूकता, शिक्षा और एकता का संदेश देने वाला ऐतिहासिक आयोजन बन गया। देशभर से पहुंचे क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधियों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद कुंवर हरिवंश सिंह ने दहेज प्रथा के खिलाफ जोरदार हुंकार भरते हुए समाज से बेटा-बेटी में भेदभाव समाप्त करने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दहेज की झूठी प्रतिष्ठा पर धन खर्च करने के बजाय बच्चों की उच्च शिक्षा पर निवेश किया जाना चाहिए। यदि परिवार अपनी बेटियों को बेहतर शिक्षा और अवसर प्रदान करें तो वे बड़े पदों पर पहुंचकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र का नाम रोशन करेंगी। उन्होंने कहा कि शहडोल के क्षत्रिय समाज ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के संकल्प को धरातल पर उतारकर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। कुंवर हरिवंश सिंह ने कहा कि वे दहेज प्रथा के कट्टर विरोधी हैं और स्वयं अपने पुत्र का विवाह मात्र एक रुपये में संपन्न कर समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत कर चुके हैं। उन्होंने घोषणा की कि समाज के सहयोग से बिना दहेज विवाह को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे तथा अगले वर्ष शहडोल में भी इस दिशा में एक बड़ा आयोजन किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि क्षत्रिय समाज के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई में वे कभी पीछे नहीं हटेंगे। कार्यक्रम से पूर्व आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने शहडोल में उच्च शिक्षा के विस्तार की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यदि स्थानीय नागरिक महाविद्यालय निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराएं तो अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त महाविद्यालय की स्थापना के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
एकता, संगठन और राष्ट्रभक्ति ही प्रगति का मार्ग : डॉ. ए.पी. सिंह
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं सर्वोच्च न्यायालय के प्रख्यात अधिवक्ता डॉ. ए.पी. सिंह ने महाराणा प्रताप के त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए कहा कि उन्होंने घोर संघर्ष और अभावों के बीच भी देश की आन-बान-शान की रक्षा की। उनका जीवन आज भी समाज को राष्ट्रहित में समर्पण और संघर्ष की प्रेरणा देता है। डॉ. सिंह ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता में निहित होती है। प्रयागराज महाकुंभ का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालु बिना किसी भेदभाव के एकत्रित हुए, यही भारत की संस्कृति और सामाजिक समरसता की पहचान है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को घड़ी की तीनों सुइयों की तरह एक दिशा में चलना होगा, तभी राष्ट्र विकास और समृद्धि के शिखर तक पहुंच सकेगा। उन्होंने शहडोल की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत की सराहना करते हुए मां कंकाली सिद्धपीठ की महिमा का उल्लेख किया तथा क्षेत्र के लोगों के संस्कार, प्रेम और आतिथ्य की प्रशंसा की। महाराणा प्रताप शौर्य यात्रा और जयंती समारोह को उन्होंने समाज की जागरूकता और संगठन का सशक्त उदाहरण बताया।
पत्रकारों से चर्चा के दौरान डॉ. ए.पी. सिंह एड. ने आश्वस्त किया कि जनहित, समाजहित और राष्ट्रहित के मुद्दों पर आवाज उठाने वाले पत्रकारों को यदि किसी प्रकार की कानूनी चुनौती का सामना करना पड़े तो वे न्यायालय में उनकी लड़ाई निःशुल्क लड़ने के लिए सदैव तैयार रहेंगे। महाराणा प्रताप जयंती समारोह में दहेज उन्मूलन, बेटियों की शिक्षा, सामाजिक एकता, राष्ट्रभक्ति और उच्च शिक्षा के विस्तार जैसे मुद्दे प्रमुखता से उभरे। वक्ताओं ने समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण के लिए संगठित प्रयासों का आह्वान करते हुए युवाओं को महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी।
महाराणा प्रताप के आदर्शों को किया गया याद
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। मंच से वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के त्याग, स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति, संघर्षशीलता और अदम्य साहस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन आज भी देश की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। वक्ताओं ने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। वीर शिरोमणि जी के जयंती समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. कुंवर हरिवंश सिंह पूर्व सांसद प्रतापगढ़ के अलावा राघवेन्द्र सिंह राजू लखनऊ, वीरांगना नीतू सिंह चौहान रायपुर, डॉ. भागवत राजपूत नईदिल्ली, डॉ. ए.पी. सिंह एड नई दिल्ली, डॉ अमित सिंह चौहान रायपुर, सुखबीर सिंह उत्तर प्रदेश, पृथ्वीराज सिंह शिवपुरी, जालम सिंह परमार राजस्थान, अनुज सिंह कानपुर, पृथ्वीराज सिंह शिवपुरी, बोबी सिंह परिहार इंदौर, संदीप सिंह चंदेल शिवपुरी, सौरभ सिंह नई दिल्ली, महेन्द्र सिंह राजावत नई दिल्ली, बच्चन सिंह राणा उत्तर प्रदेश, कुलदीप सिंह सिसोदिया जबलपुर, मोहनलाल पंवार राजस्थान, अभिमन सिंह, अभयराज सिंह जोधावत, रघुवंश प्रताप सिंह, रविराज सिंह, रामायण सिंह, सोनू सिंह, दुर्गा सिंह, सुमनलता सिंह, कंचन सिंह, ज्योति सिंह, विधात्री सिंह, अनुराधा सिंह, द्वारिका सिंह, राजबहादुर सिंह, अमर सिंह, गौरव सिंह, मिथलेश सिंह, वृजभान सिंह, राजेश सिंह, नवीन सिंह, अर्जुन, प्रीतम कमलमान सिंह चौहान, गुलाब सिंह, भानुप्रताप सिंह, विश्वनाथ सिंह, बृजेन्द्र, कृष्णा, संतोष सिंह, शुभम, रघुराज, ओमप्रकाश, रणजीत सिंह गौतम, दिलीप सिंह, पुष्कर सिंह रामजी, महेन्द्र सिंह, अजय सिंह, प्रहलाद सिंह के अलावा सैकडो की संख्या में क्षत्रिय समाज के लोग उपस्थित रहे।
मेधावी छात्र-छात्राओं का किया गया सम्मान
महाराणा प्रताप जयंती समारोह के अवसर पर मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान भी किया गया। अतिथियों द्वारा उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम है तथा विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर सफलता प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर विद्यार्थियों को महाराणा प्रताप के साहस, स्वाभिमान और संघर्षपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित में कार्य करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति के युवा अध्यक्ष रमाकांत सिंह परमार एवं जिला अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह डोंगरे ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी पत्रकार बंधुओं, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सामाजिक संगठनों, मातृशक्ति, युवा साथियों एवं समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज की एकजुटता और सहयोग से ही इस ऐतिहासिक आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सका।
अमरहा से निकली ऐतिहासिक शौर्य यात्रा
दोपहर 12 बजे अमरहा विद्यालय परिसर से भव्य महाराणा प्रताप शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। पारंपरिक राजपूती वेशभूषा में सजे युवा, हाथों में ध्वज लिए समाजजन, बैंड-बाजों की देशभक्ति धुनें और “जय भवानी, जय महाराणा” के गगनभेदी जयघोषों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान से भर दिया। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली, जहां विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और नागरिकों द्वारा मंच बनाकर पुष्पवर्षा एवं स्वागत किया गया। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों की सहभागिता देखने को मिली। जनसैलाब के साथ आगे बढ़ती हुई शौर्य यात्रा महाराणा प्रताप चौक पहुंची, जहां महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विशेष पूजन-अर्चन किया गया।
पत्रकार वार्ता में शिक्षा और सामाजिक सुधारों पर जोर
होटल विजय श्री में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद कुंवर हरिवंश सिंह ने कहा कि समाज की उन्नति का सबसे बड़ा माध्यम शिक्षा है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र एवं उत्तर प्रदेश में उनके द्वारा संचालित विभिन्न शिक्षण संस्थानों का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है। उन्होंने युवाओं को शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्रभक्ति से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही विवाह समारोहों में बढ़ती फिजूलखर्ची पर चिंता व्यक्त करते हुए सामूहिक विवाह को सामाजिक सुधार का प्रभावी माध्यम बताया। पत्रकार वार्ता के दौरान कुंवर हरिवंश सिंह ने घोषणा की कि आगामी वर्ष शहडोल में 11 जोड़ों का भव्य सर्वधर्म सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों को सहायता प्रदान करना तथा समाज में सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में सभी जाति एवं धर्म के पात्र परिवारों को लाभान्वित किया जाएगा।
अजय पाल








