डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
शहपुरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत हुआ भव्य सामूहिक विवाह समारोह, पंडाल गिरने से मची अफरा-तफरी
एक मंडप में सजे 200 सपने, लेकिन अव्यवस्था ने खड़े किए सवाल
डिंडोरी जिले के शहपुरा स्थित रानी दुर्गावती स्टेडियम में मध्य प्रदेश शासन की मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के तहत भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में लगभग 200 जोड़े विवाह बंधन में बंधे और एक साथ अपने नए जीवन की शुरुआत की। पूरे आयोजन में पारंपरिक रीति-रिवाजों, सामाजिक उत्साह और धार्मिक माहौल की झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वर-वधु पक्ष के परिजन एवं ग्रामीणजन शामिल हुए। जिला प्रशासन द्वारा बैठने, भोजन एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाएं की गई थीं। समारोह में केंद्रीय मंत्री एवं सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, विधायक ओमप्रकाश धुर्वे, केबिनेट मंत्री संपतिया उइके सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं जिला कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
योजना के नियमों में बदलाव, पात्र परिवारों को ही मिलेगा लाभ
जानकारी के अनुसार इस बार मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के नियमों में संशोधन किया गया है। अब केवल उन्हीं परिवारों को योजना का लाभ मिलेगा, जिनका नाम गरीबी रेखा (BPL) राशन कार्ड में दर्ज है। शासन का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग प्रदान करना है।
विधायक ने नवदंपतियों को दिए उपहार
सामूहिक विवाह समारोह में विधायक ओमप्रकाश धुर्वे द्वारा नवविवाहित जोड़ों को उपहार स्वरूप दो चांदी की अंगूठियां, छह जोड़ी कपड़े एवं एक कांसे की थाली भेंट की गई। जनप्रतिनिधियों ने नवदंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की।

समारोह के बीच अव्यवस्था उजागर, पंडाल गिरने से मची अफरा-तफरी, बड़ा हादसा टला, सुरक्षा व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल
भव्य आयोजन के बीच एक बड़ी अव्यवस्था भी सामने आई, जब कार्यक्रम स्थल पर लगाया गया टेंट पंडाल अचानक तेज हवा चलने के दौरान भरभराकर गिर पड़ा। उस समय मंडप के नीचे दूल्हा-दुल्हन के परिजन सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। अचानक पंडाल गिरने से कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई गंभीर जनहानि नहीं हुई और सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए। समय रहते स्थिति संभल जाने से एक बड़ा हादसा टल गया। लेकिन इस घटना ने आयोजन की सुरक्षा और व्यवस्थाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों की मौजूदगी पहले से तय थी, वहां मजबूत और सुरक्षित पंडाल व्यवस्था होना जरूरी था। हल्की हवा में ही पंडाल का गिर जाना आयोजन की तैयारियों में लापरवाही और कमजोर व्यवस्थाओं को उजागर करता है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक आयोजनों में प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा इंतजामों की विशेष आवश्यकता होती है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्थिति नियंत्रित नहीं होती, तो यह हादसा गंभीर रूप ले सकता था। घटना के बाद आयोजन की गुणवत्ता और जिम्मेदार व्यवस्थाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।







