डौण्डीलोहारा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: एसबीआई कियोस्क सेंटर में धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपी 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार
डौण्डीलोहारा, बालोद।
बालोद जिले के संबलपुर स्थित एसबीआई कियोस्क सेंटर में भोले-भाले ग्रामीणों की मेहनत की कमाई पर डाका डालने वाले दो शातिर आरोपियों को डौण्डीलोहारा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटों के भीतर सलाखों के पीछे भेज दिया है। आरोपियों ने एफडी और आरडी के नाम पर झांसा देकर और ग्राहकों के अंगूठे का निशान लेकर उनके खातों से लाखों रुपये का गबन किया था।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रार्थी सुरेन्द्र कुमार साहू ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि कियोस्क संचालक अमित कुमार निषाद और उसके साथी विरेन्द्र गिरी गोस्वामी ने वर्ष 2024-25 के दौरान क्षेत्र के अनेक लोगों के साथ वित्तीय धोखाधड़ी की है। पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल के कुशल निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर एवं उप पुलिस अधीक्षक श्री बोनी फॉस एक्का के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश सिंह ने टीम के साथ मामले की बारीकी से विवेचना शुरू की।
पुलिस की जांच में यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया कि मुख्य आरोपी अमित कुमार निषाद सेंटर पर आने वाले कम पढ़े-लिखे ग्रामीणों को अपना निशाना बनाता था। वह बैंक बैलेंस चेक करने या लेन-देन के बहाने चालाकी से उनका अंगूठा लगवा लेता था और उनके खातों से पैसे ट्रांसफर कर देता था। इसके अलावा, एफडी और आरडी कराने का झूठा प्रलोभन देकर उसने करीब 9,01,000 रुपये की धोखाधड़ी की। विवेचना में यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपी विरेन्द्र गिरी गोस्वामी के साथ उसके खाते में अवैध लेनदेन के पुख्ता प्रमाण मिले हैं।
कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी की राशि से खरीदी गई एक एक्टिवा (CG 24 V 2869), एक होंडा साइन मोटरसाइकिल (CG 24 R 5661), दो मोबाइल फोन, एक एटीएम कार्ड और 5,590 रुपये नकद बरामद किए हैं। जब्त की गई कुल संपत्ति की कीमत लगभग 1,50,000 रुपये आंकी गई है।
डौण्डीलोहारा पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5), 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें 16 अप्रैल 2026 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक मुकेश सिंह, प्रधान आरक्षक अरविंद यादव, विरेन्द्र साहू, महिला प्रधान आरक्षक लिलेश्वरी देवांगन सहित सायबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य और उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
रिपोर्ट :मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ,पुलिसवाला न्यूज़







