निरीक्षण उपरांत जिला सीईओ ने जताई नाराजगी सहायक सचिव एवं उप यात्रियों को थमाया शोकाज नोटिस
कटनी, 10 अप्रैल:
विकासखंड बहोरीबंद की ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण कार्यों की जमीनी हकीकत उस समय सामने आ गई जब जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई कार्यों में गंभीर खामियां और लापरवाही उजागर हुई, जिससे नाराज सीईओ ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
लखनवारा, स्लीमनाबाद, कोड़ियां और बहोरीबंद में चल रहे राम जानकी मंदिर बावली जीर्णोद्धार, नाला शुद्धिकरण, खेत तालाब, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और “मां की बगिया” जैसे कार्यों का जायजा लेते हुए सीईओ को कई जगह गुणवत्ता की कमी देखने को मिली। विशेष रूप से नाला शुद्धिकरण, भोला के खेत तालाब और प्रेम रानी की “मां की बगिया” के कार्य बेहद खराब पाए गए।
स्थिति पर नाराजगी जाहिर करते हुए सीईओ ने उपयंत्री और ग्राम रोजगार सहायक को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एक सप्ताह के भीतर कार्यों में सुधार नहीं हुआ तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की जवाबदेही भी सवालों के घेरे में रही, क्योंकि पूछे गए सवालों का संतोषजनक जवाब तक नहीं दिया जा सका। वहीं स्लीमनाबाद में मुक्तिधाम निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल संकट की गंभीर समस्या सामने रखी, जिस पर सीईओ ने तत्काल पीएचई विभाग को समाधान के निर्देश दिए।
सीईओ ने दो टूक कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान और जल जीवन मिशन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जनपद सीईओ अभिषेक कुमार झा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन जमीनी हकीकत ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी।
🖋️*पुलिसवाला न्यूज़ कटनी से पारस गुप्ता की रिपोर्ट*







