होली पर बेजुबानों से क्रूरता तो होगी जेल, रंग बन सकते हैं जानलेवा — ओम बड़ोदिया
होली का त्योहार रंगों और खुशियों का प्रतीक है, लेकिन यही रंग मूक पशुओं के लिए जान का खतरा बन सकते हैं। मन्दसौर में पशु प्रेमियों ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर किसी ने पशुओं के साथ होली खेली, तो सीधी कानूनी कार्रवाई होगी।
मन्दसौर में गौ आरोग्य सेवा समिति के अध्यक्ष एवं पशु प्रेमी ओम बड़ोदिया ने आमजन से अपील की है कि वे होली के दौरान गली के कुत्तों, बिल्लियों और गायों पर रंग न डालें। उन्होंने बताया कि बाजार में मिलने वाले अधिकतर रंगों में हानिकारक केमिकल्स होते हैं, जो पशुओं की त्वचा के लिए बेहद खतरनाक साबित होते हैं।
पशु स्वयं अपने शरीर से रंग नहीं हटा पाते। ऐसे में रंग उनकी चमड़ी पर चिपक जाता है, जिससे तेज खुजली, एलर्जी, चर्म रोग और गंभीर संक्रमण हो सकता है। कई बार स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि पशु की जान तक चली जाती है।
इतना ही नहीं, पशु स्वभाववश अपने शरीर को चाटते हैं, जिससे रंग में मौजूद जहरीले तत्व उनके पेट में चले जाते हैं और उनकी तबीयत बिगड़ जाती है।
ओम बड़ोदिया:
“होली खुशियों का पर्व है, लेकिन हमारी खुशी किसी बेजुबान की तकलीफ नहीं बननी चाहिए। पशुओं को रंग लगाना न केवल अमानवीय है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है। ऐसा करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।”
कानूनी पहलू:
ओम बड़ोदिया ने बताया कि पशुओं को प्रताड़ित करना या उन्हें रंग लगाना Prevention of Cruelty to Animals Act, 1960 के तहत दंडनीय अपराध है। इस अधिनियम के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जेल की सजा तक हो सकती है।
पशु पक्षी मित्रों ने स्पष्ट किया है कि होली के दौरान विशेष निगरानी रखी जाएगी। यदि कोई भी व्यक्ति पशुओं के साथ क्रूरता करता या उन्हें रंग लगाता पाया गया, तो तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
इसलिए होली मनाएं जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ… ताकि त्योहार की खुशियां हर किसी के लिए सुरक्षित और सुखद बनी रहें।
रिपोर्टर जितेन्द्र सिंह प्रितेश फरक्या







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