डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया

‘सरकार आपके द्वार’: 3 और 4 अक्टूबर को जिलेभर में लगेंगे सेवा सेतु शिविर

डिंडौरी। जिले में सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ नागरिकों तक स्थानीय स्तर पर पहुंचाने के लिए 3 एवं 4 अक्टूबर को ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ के तहत शिविर लगाए जाएंगे। 3 अक्टूबर को विकासखंड स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में, जबकि 4 अक्टूबर को नगर पालिका एवं नगर परिषद स्तर पर नगरीय क्षेत्रों में शिविर आयोजित होंगे। शिविर सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक संचालित किए जाएंगे। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को अभियान की तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए।

2 अक्टूबर को हर पंचायत में ग्रामसभा, चलेगा स्वच्छता अभियान

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि 2 अक्टूबर को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ग्रामसभाओं का आयोजन किया जाए। इसी दिन पूरे जिले में व्यापक स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा, जिसमें सभी अधिकारी-कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा गया है। वहीं जनविश्वास अभियान के तहत विकासखंड करंजिया की ग्राम पंचायत झनकी में भी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

एक ही जगह मिलेंगी कई विभागों की सेवाएं

सेवा सेतु शिविरों में राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल विकास, खाद्य, स्वास्थ्य, श्रम, कृषि, पशुपालन, शिक्षा और विद्युत सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे।

शिविरों के माध्यम से नागरिकों को नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, अभिलेख दुरुस्ती, खसरा-नक्शा, स्वामित्व अधिकार अभिलेख, पीएम किसान सम्मान निधि, फार्मर रजिस्ट्री, ई-केवाईसी, आय, जाति एवं निवास प्रमाण-पत्र, पेंशन, राशन और श्रमिक योजनाओं सहित विभिन्न शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।

सिर्फ आवेदन लेना नहीं, मौके पर निराकरण भी करना होगा

कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान का उद्देश्य केवल नागरिकों से आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि उन्हें शासकीय सेवाओं और योजनाओं का वास्तविक लाभ उपलब्ध कराना है। इसके लिए शिविर से पहले पात्र एवं संभावित हितग्राहियों के साथ लंबित आवेदनों की सूची तैयार करने को कहा गया है।

हितग्राहियों को जरूरी दस्तावेजों की जानकारी भी पहले से उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि शिविर में अधिक से अधिक मामलों का मौके पर निराकरण किया जा सके। शिविर में आने वाले प्रत्येक आवेदन का पंजीयन अनिवार्य होगा। जिन मामलों का तत्काल निराकरण संभव नहीं होगा, उन्हें निर्धारित समय-सीमा में निपटाकर संबंधित आवेदक को कार्रवाई की जानकारी देनी होगी।

अनुपस्थिति और लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी

शिविर स्थलों पर पेयजल, बिजली, इंटरनेट, कंप्यूटर, बैठक व्यवस्था, स्वच्छता, शौचालय, पार्किंग एवं सुरक्षा जैसी जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सीईओ जनपद पंचायत और नगरीय क्षेत्रों में संबंधित मुख्य नगरपालिका अधिकारी को व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी दी गई है। एसडीएम, तहसीलदार एवं जिला अधिकारी तैयारियों और विभागीय समन्वय की नियमित समीक्षा करेंगे।

कलेक्टर ने शिविरों में प्राप्त आवेदनों, निराकृत एवं लंबित मामलों तथा विभागवार वितरित हितलाभ की रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। शिविर में अनुपस्थिति, लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा निर्देशों की अवहेलना मिलने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी तय कर अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।

स्वामित्व योजना के काम में तेजी लाने के निर्देश

कलेक्टर ने सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वामित्व योजना के कार्यों को भी प्राथमिकता देने के निर्देश पटवारियों एवं तहसीलदारों को दिए। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से ग्रामीण आबादी को संपत्ति का स्वामित्व अधिकार उपलब्ध कराया जाता है। स्वामित्व अधिकार मिलने के बाद भू-स्वामी संपत्ति का आर्थिक गतिविधियों में उपयोग करने के साथ आवश्यकता पड़ने पर वित्तीय संस्थाओं से ऋण भी प्राप्त कर सकता है। पात्र हितग्राहियों को समय-सीमा में योजना का लाभ दिलाने के लिए राजस्व अधिकारियों को मैदानी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी, डीएफओ अशोक सोलंकी, संयुक्त कलेक्टर भारती मेरावी, एसडीएम डिंडौरी रामबाबू देवांगन सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave A Reply

Exit mobile version