रायपुर:
प्रदेश के सभी स्कूलों में आगामी 16 जून से ‘शाला प्रवेश उत्सव’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है, जिसकी तैयारियों को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो चुका है। विभाग ने इस महत्वपूर्ण आयोजन के संबंध में सभी कलेक्टर्स, जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्राचार्यों को दिशा-निर्देश पत्र जारी कर दिए हैं। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि हर वर्ष की तरह इस बार भी उत्सव को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके तहत गांवों और शहरी वार्डों में मुनादी कराने के साथ-साथ जागरूकता रैलियां निकाली जाएंगी और आकर्षक बैनर-पोस्टर लगाए जाएंगे। इस पूरे आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शाला विकास समितियों और पालकों की भागीदारी विशेष रूप से सुनिश्चित की जाएगी।
सत्र की शुरुआत से पहले सभी स्कूल भवनों का कायाकल्प करने की योजना है, जिसके तहत 15 जून तक मरम्मत योग्य भवनों का काम हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। स्कूलों की साफ-सफाई कर परिसर को ज्ञानवर्धक चित्रों और दीवारों से सुसज्जित (प्रिंट-रिच वातावरण) किया जाएगा। शत-प्रतिशत दाखिले के लिए कक्षा पहली के बच्चों की सूची आंगनबाड़ी केंद्रों से और कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए प्राथमिक शालाओं से उत्तीर्ण छात्रों की सूची एवं टीसी पहले ही प्राप्त कर ली जाएगी। इसके साथ ही पढ़ाई बीच में छोड़ चुके (शाला त्यागी) बच्चों को प्रेरित कर दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ने का विशेष प्रयास होगा।
प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां तेज हैं, जहां जिला और विकासखंड स्तर पर शिविर लगाकर शिक्षकों के लंबित मामलों का त्वरित निराकरण किया जाएगा। शिक्षकों को स्कूल खुलते ही अध्यापन कार्य के लिए आगामी तीन महीने का एडवांस रोडमैप तैयार करने और विद्यार्थियों के साथ स्वयं की शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा के इस महापर्व में स्थानीय समुदाय, स्वयं सहायता समूहों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों से भी सहयोग लिया जाएगा, जिनके माध्यम से बच्चों को स्लेट, पेंसिल और स्कूल बैग जैसी सामग्रियां भेंट की जा सकेंगी। उत्सव के दौरान स्कूल पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं को शासन की ओर से निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, कॉपियां, गणवेश और सायकल का वितरण कर उनका उत्साहवर्धन किया जाएगा।
रिपोर्ट: मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ,पुलिसवाला न्यूज़








