डिंडौरी मध्यप्रदेश

रिपोर्ट अखिलेश झारिया

चार वर्ष से अधिक समय और 52 वर्ष की आयु  पूरा कर चुके शिक्षकों को काउंसलिंग से बाहर कर, मूल शाला में पदस्थ करने की मांग।

डिंडोरी। जिले में बीएसी एवं जनशिक्षकों की पदस्थापना को लेकर राज्य शिक्षक संघ मध्यप्रदेश ने अब जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया है। संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष ने कलेक्टर डिंडोरी को पत्र सौंपकर लंबे समय से उच्च कार्यालयों में कार्यरत बीएसी एवं जनशिक्षकों को चिन्हित कर उनकी मूल शाला में वापस भेजने तथा शैक्षणिक कार्य में पदस्थ करने की मांग की है।

 

राज्य शिक्षक संघ मध्यप्रदेश द्वारा 19 अगस्त 2026 को जारी पत्र क्रमांक 201/2026 में बीएसी एवं जनशिक्षकों की पदस्थापना को लेकर राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के पूर्व एवं हालिया निर्देशों का हवाला दिया गया है। पत्र में कहा गया है कि जिले में बीएसी एवं जनशिक्षकों की पदस्थापना काउंसलिंग के बाद की जानी है। संघ ने शासन की मंशा के अनुरूप चार वर्ष से अधिक समय से बीएसी/जनशिक्षक के रूप में कार्य कर चुके शिक्षकों को उनकी मूल शाला में वापस भेजकर शैक्षणिक कार्य में पदस्थ करने की मांग की है।

 

10 से 15 वर्षों से उच्च कार्यालयों में कार्यरत होने का दावा

 

शिक्षक संघ ने पत्र में विशेष रूप से उल्लेख किया है कि डिंडोरी जिले में अधिकांश बीएसी एवं जनशिक्षक 10 से 15 वर्षों से उच्च कार्यालयों में कार्यरत हैं। संघ का आरोप है कि ऐसे शिक्षक लंबे समय से कार्यालयीन पदों पर बने हुए हैं, जबकि उनकी मूल जिम्मेदारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को अध्यापन कराना है।

 

संघ ने मांग की है कि ऐसे शिक्षकों को चिन्हित कर उनकी मूल शाला में वापस भेजा जाए, जिससे विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर हो सके और विद्यार्थियों को नियमित रूप से शैक्षणिक लाभ मिल सके।

 

52 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके शिक्षक काउंसलिंग से बाहर

 

पत्र में 52 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके बीएसी एवं जनशिक्षकों को काउंसलिंग में शामिल नहीं करने की मांग भी उठाई गई है। संघ ने संबंधित निर्देशों के अनुसार पदस्थापना प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया है।

 

नए शिक्षकों से हो रिक्त पदों की पूर्ति

 

शिक्षक संघ ने केवल पुराने शिक्षकों को मूल शाला भेजने की मांग ही नहीं की है, बल्कि उनके स्थान पर बनने वाले रिक्त बीएसी एवं जनशिक्षक पदों पर नए शिक्षकों के माध्यम से पदपूर्ति किए जाने की मांग भी रखी है।

 

संघ का कहना है कि लंबे समय से उच्च कार्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को मूल शाला में वापस भेजने के बाद रिक्त होने वाले पदों पर नए शिक्षकों को अवसर दिया जाए। साथ ही इन पदों पर मूल रूप से कार्यरत शिक्षकों को दोबारा प्रभारी के रूप में पदस्थ नहीं किया जाए, ताकि व्यवस्था में वास्तविक बदलाव हो सके।

 

कलेक्टर से आवश्यक कार्रवाई की मांग

 

राज्य शिक्षक संघ ने मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र कलेक्टर डिंडोरी को सौंपा है। इसकी प्रतिलिपि आयुक्त, राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डिंडोरी तथा परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा अभियान जिला शिक्षा केंद्र डिंडोरी को भी भेजी गई है।

 

बीएसी एवं जनशिक्षकों की पदस्थापना को लेकर शिक्षक संघ की इस मांग ने जिले की शिक्षा व्यवस्था में वर्षों से चली आ रही पदस्थापना व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग शासन के निर्देशों के अनुरूप लंबे समय से उच्च कार्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की पदस्थापना को लेकर क्या कदम उठाता है।

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