डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया

डिंडौरी। ग्राम पंचायत कसईसोंढा में आदिवासी विकास परियोजना के तहत स्वीकृत सीसी रोड निर्माण में सामने आई वित्तीय अनियमितता के मामले ने अब गंभीर रूप ले लिया है। जांच में स्वीकृत राशि के मुकाबले बेहद कम निर्माण कार्य होना पाए जाने के बाद पूर्व सरपंच नोखेलाल परस्ते से 2.65 लाख रुपये की वसूली का आदेश जारी किया गया था। निर्धारित समय में राशि जमा नहीं करने पर अब संबंधित अधिकारी को उन्हें अभिरक्षा में लेकर 30 दिनों के कारावास में रखने के निर्देश दिए गए हैं।

9 लाख स्वीकृत, 7 लाख का आहरण; काम सिर्फ 1.70 लाख का

मामला जनपद पंचायत डिंडौरी की ग्राम पंचायत कसईसोंढा का है। यहां वर्ष 2021 में आदिवासी विकास परियोजना के अंतर्गत प्राथमिक शाला भवन से अनुसुईया के घर होते हुए नीचे टोला तक सीसी रोड निर्माण के लिए 9 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। स्वीकृत राशि में से 7 लाख रुपये का आहरण किया गया।

जांच एवं मूल्यांकन के दौरान मौके पर मात्र 1.70 लाख रुपये का निर्माण कार्य कराया जाना पाया गया। इस तरह आहरित राशि और किए गए वास्तविक निर्माण कार्य में बड़ा अंतर सामने आया। जांच में 5.30 लाख रुपये की राशि का नियम विरुद्ध आहरण कर वित्तीय अनियमितता किए जाने की पुष्टि हुई।
प्रकरण में पूर्व सरपंच नोखेलाल परस्ते और पूर्व सचिव के विरुद्ध मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 89 के तहत देयता निर्धारण की कार्रवाई की गई। 26 मई 2025 को जारी आदेश के अनुसार, पूर्व सचिव के हिस्से की 2.65 लाख रुपये की राशि 14 फरवरी 2025 को शासन कोष में जमा कर दी गई।

वहीं पूर्व सरपंच नोखेलाल परस्ते के हिस्से की 2.65 लाख रुपये की राशि की वसूली के लिए अधिनियम की धारा 92 के तहत प्रकरण क्रमांक 304/2025-26 पंजीबद्ध किया गया।

अंतिम आदेश के बाद भी जमा नहीं की राशि

पूर्व सरपंच को निर्धारित राशि शासन कोष में जमा करने के लिए पर्याप्त एवं युक्तियुक्त समय दिया गया। इसके बावजूद राशि जमा नहीं कराई गई। प्रकरण में विचारण के बाद 29 जनवरी 2026 को अंतिम आदेश पारित करते हुए 15 दिनों के भीतर 2.65 लाख रुपये शासन कोष में जमा करने के निर्देश दिए गए थे।
निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी राशि जमा नहीं किए जाने पर अब प्रशासन ने वसूली के लिए सख्त कदम उठाया है।

30 दिन के कारावास के निर्देश

राशि की वसूली सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारी को पूर्व सरपंच नोखेलाल परस्ते को अभिरक्षा में लेकर पकड़े जाने की तारीख से 30 दिनों की अवधि के लिए कारावास में रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।

सीसी रोड निर्माण से जुड़ा यह मामला अब पंचायत स्तर पर वित्तीय अनियमितता के खिलाफ प्रशासन की सख्ती का उदाहरण बन गया है। शासन की राशि की वसूली सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने अब कार्रवाई को अंतिम चरण तक पहुंचा दिया है।

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