5 जिलों में नुक्कड़ नाटकों और जागरूकता गीतों के जरिए फैला रहे हैं जनजागरूकता, अब तक गा चुके हैं 23 संदेशप्रद गाने
शहडोल। समाज सेवा, विधिक जागरूकता और कला का अनूठा संगम देखना हो तो शहडोल जिले के सिंहपुर निवासी प्रकाश राव का नाम प्रमुखता से आता है। पैरालीगल वॉलिंटियर (PLV) और समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राव इन दिनों अपनी सुरीली आवाज़ और अभिनय कला के माध्यम से मध्य प्रदेश सरकार के जन-कल्याणकारी एवं जागरूकता अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
साइबर सुरक्षा और नशा मुक्ति 2.0 अभियान में सक्रिय सहभागिता
प्रदेश सरकार द्वारा लाए जा रहे “साइबर अपराध नियंत्रण 2.0” और “नशा मुक्ति 2.0” अभियानों के तहत प्रकाश राव ने न केवल जागरूकता अभियानों में भाग लिया, बल्कि संभाग और आसपास के 5 प्रमुख जिलों—शहडोल, डिंडोरी, अनूपपुर, उमरिया और सिंगरौली में अपने नाटकों का प्रभावशाली प्रदर्शन भी किया है। उनके लिखे और गाए जागरूकता गीतों ने युवाओं और ग्रामीणों पर गहरी छाप छोड़ी है।

स्वास्थ्य अभियानों में भी दिया अतुलनीय योगदान
सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए, स्वास्थ्य एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHC) विभाग शहडोल एवं उमरिया के दिशा-निर्देशों के अनुसार उन्होंने डायरिया नियंत्रण पखवाड़े में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अभियान के तहत उन्होंने स्वयं द्वारा रचित एवं गाए गए गीतों पर आधारित 100 से अधिक विद्यालयों और ग्राम चौपालों में नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया।
कला और जनसेवा का बेहतरीन तालमेल
प्रकाश राव अब तक विभिन्न जन-जागरूकता विषयों पर 23 से अधिक गाने गा चुके हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के मार्गदर्शन और अपने बेहतरीन अभिनय कौशल के बल पर वे लगातार ज़मीनी स्तर पर बदलाव लाने का प्रयास कर रहे हैं। उनके इन नाटकों और गीतों को ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में अत्यधिक सराहना मिल रही है।
”जागरूकता ही बचाव का सबसे बड़ा साधन है। जब हम कला, संगीत और नाटक के जरिए लोगों तक संदेश पहुँचाते हैं, तो वह सीधा उनके दिल और दिमाग पर असर करता है।”
— प्रकाश राव (पैरालीगल वॉलिंटियर एवं सामाजिक कार्यकर्ता)
अजय पाल







