जबलपुर:

 

 संजीव नगर में स्कूल के पास शराब दुकान खोलने पर शिवसेना का उग्र विरोध, शहर से बाहर दुकानें हटाने की मांग

​जबलपुर: जबलपुर के संजीव नगर इलाके में एक स्कूल के पास शराब की दुकान खोले जाने को लेकर स्थानीय लोगों और शिवसेना संगठन में भारी रोष है। शिवसेना नगर प्रमुख मुकेश सराठे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।​प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप ​शिवसेना नेताओं का आरोप है कि इस शराब दुकान के विरोध में कलेक्टर, एसडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी और आबकारी अधिकारी को बार-बार ज्ञापन सौंपकर सूचना दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिवसेना का कहना है कि जिला प्रशासन, आबकारी विभाग और नगर प्रशासन की कथित साठगांठ के कारण ही नियमों को ताक पर रखकर यह दुकान चलाई जा रही है।

​”शराब की दुकान के ठीक ऊपर पहली से लेकर दसवीं कक्षा तक का स्कूल संचालित है। क्या प्रशासन को यह दिखाई नहीं देता? आंखें मूंदकर कहीं भी शराब की दुकानें खोलने की अनुमति दी जा रही है, जो कि प्रशासन की सबसे बड़ी लापरवाही है।” > — मुकेश सराठे, शिवसेना नगर प्रमुख

​बच्चों के भविष्य और कानून व्यवस्था पर चिंता

​प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि रिहायशी इलाकों और शिक्षण संस्थानों के पास शराब की दुकानें होने से बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। शहर में बढ़ रही हत्या, लूटपाट और आपसी झगड़ों का मुख्य कारण शराब ही है।

​प्रमुख मांगें:

​संजीव नगर में स्कूल के पास स्थित शराब दुकान को तुरंत बंद किया जाए।

​जबलपुर शहर की सभी शराब दुकानों को शहर की सीमा (सिटी एरिया) से बाहर स्थानांतरित किया जाए।

​मध्य प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी की दिशा में कदम उठाए जाएं ताकि अपराधों पर लगाम लग सके।​शिवसेना ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेंगे। रिपोर्टर सुरभि जैन जिला ब्यूरो

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