गरियाबंद/ नगर की आराध्य देवी मां शीतला माता मंदिर में शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर महाष्टमी को विधि-विधान के साथ हवन-पूजन किया गया। इस अवसर पर कन्या भोज का आयोजन भी किया गया। मां शीतला के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी। नवरात्र के पहले दिन से ही मंदिर में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। श्रद्धालु माता के दरबार में माथा टेककर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं।

शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अपनी श्रद्धा और आस्था के साथ 505 जवारा-जोत प्रज्वलित किए गए हैं। इसी तरह नगर के गायत्री मंदिर, दुर्गा मंदिर, काली मंदिर सहित दुर्गा पंडाल में जोत प्रज्वलित किया गया है।
रदूर-दराज के क्षेत्रों से भी भक्त माता के दर्शन करने और अपनी मनोकामनाएं लेकर मंदिर पहुंचते हैं। मंदिर में पंचमी तिथि की दोपहर 2 बजे के बाद से ही महिलाएं मंदिर प्रांगण में प्रवेश करती है। महिलाएं माता के दर्शन कर पूजा-अर्चना करती हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करती हैं।

महाष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर में हवन-पूजन और कन्या भोज के माध्यम से श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की आराधना की। नवरात्र के दौरान मंदिर में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। श्रद्धालु पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ माता की पूजा-अर्चना में शामिल हो रहे हैं।

 

इसी प्रकार नगर के अन्य माता मंदिरों और दुर्गा पंडालों में भी महाष्टमी के अवसर पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। जगह-जगह हवन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

नवमी तिथि पर मां शीतला माता मंदिर में जवारा विसर्जन किया जाएगा। इसके साथ ही नगर के अन्य मंदिरों में स्थापित जवारा-जोत का भी विधि-विधान से विसर्जन होगा। नवरात्र के अंतिम दिवस पर माता मंदिरों और दुर्गा पंडालों में भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे।


रिपोर्ट नेहरू साहू जिला ब्यूरो गरियाबंद

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