TET की अनिवार्यता समाप्त करने सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षक मोर्चा ने उठाई आवाज
गरियाबंद। शिक्षक संवर्ग की लंबे समय से लंबित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं के निराकरण को लेकर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा गरियाबंद ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। मोर्चा ने शिक्षक हित से जुड़ी पांच प्रमुख मांगों का शीघ्र निराकरण करते हुए शासन स्तर से आवश्यक आदेश जारी करने की मांग की है।
शिक्षक संघर्ष मोर्चा द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में TET की अनिवार्यता समाप्त करने, पूर्व सेवा अवधि की गणना, वेतन विसंगति दूर करने, राजपत्र में आवश्यक संशोधन तथा ब्रिज कोर्स के माध्यम से B.Ed. प्रशिक्षण जैसी महत्वपूर्ण मांगों को प्रमुखता से उठाया गया है।
TET की अनिवार्यता समाप्त कर सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
मोर्चा ने सेवाकालीन शिक्षक संवर्ग के लिए TET की अनिवार्यता समाप्त कर सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। ज्ञापन में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा TET के लिए 31 अगस्त 2028 तक दिए गए समय का उल्लेख करते हुए पदोन्नति में TET की अनिवार्यता समाप्त किए जाने की मांग की गई है।
पूर्व सेवा की गणना कर मिले सभी सेवा लाभ
मोर्चा ने शिक्षक एलबी संवर्ग की पंचायत संवर्ग में प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना करने की मांग की है। साथ ही पूर्व सेवा अवधि को जोड़कर पुरानी पेंशन सहित शिक्षा विभाग में लागू समस्त सेवा लाभ प्रदान किए जाने की मांग की गई है।
वेतन विसंगति दूर कर केंद्रीय वेतनमान की संरचना लागू करने की मांग
शिक्षक संवर्ग में व्याप्त वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए केंद्रीय वेतनमान की संरचना के आधार पर वेतन निर्धारण किए जाने की मांग भी ज्ञापन में रखी गई है। मोर्चा का कहना है कि शिक्षकों को उनकी योग्यता, जिम्मेदारी और सेवाकाल के अनुरूप न्यायसंगत वेतन एवं सेवा लाभ मिलना चाहिए।
राजपत्र संशोधन और ब्रिज कोर्स की मांग
मोर्चा ने 13 फरवरी 2026 के राजपत्र में एलबी संवर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन करने की मांग की। इसके अलावा शिक्षक संवर्ग के लिए शिक्षा विभाग द्वारा योजना बनाकर ब्रिज कोर्स के माध्यम से B.Ed. प्रशिक्षण कराए जाने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
बड़ी संख्या में शिक्षक पदाधिकारी रहे मौजूद
मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपने के दौरान छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा गरियाबंद के जिला संयोजक परमेश्वर निर्मलकर एवं सहसंयोजक इंदर प्रीत कुकरेजा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं शिक्षक मौजूद रहे।
इस अवसर पर प्रदीप पांडे, संतोष पांडे, सुभाष शर्मा, यशवंत बघेल, विनोद सिन्हा, गिरीश शर्मा, विवेक शर्मा, नरेश साहू, जितेंद्र सोनवानी, हुलस साहू, धोबलेश्वर बेहरा, गोविंद पटेल, नेकराम साहू, सर्वेश शर्मा, गीता, भुवन यदु, शरणागत, दीप्ति मिश्रा, ईश्वरी सिन्हा, प्रतिभा शकरिया, नंदनी यादव,विनय दीवान, लता ध्रुव, सहित अन्य पदाधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने शासन से मांग की कि शिक्षक संवर्ग से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों को केवल पत्राचार तक सीमित न रखा जाए, बल्कि समयबद्ध तरीके से निर्णय लेकर आवश्यक आदेश जारी किए जाएं।
मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों की मांगें केवल व्यक्तिगत हितों से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, सम्मान, आर्थिक भविष्य और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता से सीधे तौर पर जुड़ी हुई हैं। इसलिए शासन को संवेदनशीलता के साथ इन मांगों पर विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने शासन तक अपनी पांच सूत्रीय मांगों को मजबूती से पहुंचाते हुए शिक्षक हित में निर्णायक पहल की अपेक्षा जताई है।
रिपोर्ट नेहरू साहू जिला ब्यूरो पुलिस वाला न्यूज गरियाबंद

