*शहपुरा/डिंडौरी।* शासकीय स्नातक महाविद्यालय, शहपुरा के एनसीसी कैडेट्स ने ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से टीबी मुक्त भारत एवं नशा मुक्त भारत अभियान चलाया। अभियान के दौरान कैडेट्स ने ग्रामीणों से संवाद कर टीबी के लक्षण, बचाव, उपचार और नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी।
अभियान का आयोजन 4 एमपी सिग्नल कंपनी (CTR) एनसीसी, जबलपुर के कमान अधिकारी कर्नल सिद्धार्थ सुर्वे के मार्गदर्शन में किया गया। कैडेट्स ने आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर पहुंचकर लोगों को क्षय रोग के शुरुआती लक्षणों के प्रति जागरूक किया। साथ ही शासन की ओर से उपलब्ध उपचार एवं सहायता योजनाओं की जानकारी देते हुए समय पर जांच और उपचार कराने के लिए प्रेरित किया।
नशे से दूर रहने का दिया संदेश
अभियान के दौरान एनसीसी कैडेट्स ने नशे के खिलाफ भी लोगों को जागरूक किया। उन्होंने नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए युवाओं सहित ग्रामीणों से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। कैडेट्स ने कहा कि स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहना आवश्यक है।
अभियान के तहत कैडेट्स ने हाथों में जागरूकता तख्तियां और बैनर लेकर रैली निकाली। इस दौरान “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” और “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। रैली के माध्यम से ग्रामीणों को स्वच्छता अपनाने, पौष्टिक आहार लेने और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया।
युवा शक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण
कर्नल सिद्धार्थ सुर्वे ने एनसीसी कैडेट्स के इस सामाजिक सरोकार की सराहना करते हुए कहा कि युवा शक्ति समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि टीबी जैसी बीमारी और नशे जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है।
महाविद्यालय के प्राचार्य एवं एनसीसी अधिकारी ने भी कैडेट्स के जनहितैषी प्रयास की सराहना की। उन्होंने कैडेट्स को भविष्य में भी स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता से जुड़े अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया।
डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया







