शहडोल।-मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में रविवार को हुई एक अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई ने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। जिला व्यापारी संघ, शहडोल ने मुख्यमंत्री और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर नगर पालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) निशांत सिंह ठाकुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। व्यापारी संघ का आरोप है कि कलेक्टर के निर्देशों को ताक पर रखकर दुर्भावनापूर्ण और तानाशाही तरीके से वैध मकानों व दुकानों को तोड़ा गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश है।
क्या है पूरा मामला?
जिला व्यापारी संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, यह घटना दिनांक 28 जून 2026 की सुबह करीब 8 बजे की है। आरोप है कि CMO निशांत सिंह ठाकुर अपने नगरपालिका बल के साथ इंदिरा चौक, बुढ़ार रोड से लेकर बस स्टैंड तक अतिक्रमण हटाने की दमनकारी कार्रवाई करने पहुंचे थे।
व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने और नागरिक संघ ने इस कार्रवाई को रोकने का निवेदन किया था। यहाँ तक कि खुद कलेक्टर महोदय ने भी कहा था कि “16 मीटर की रोड पर्याप्त है”, इसके बावजूद CMO ने कथित तौर पर तानाशाही रवैया अपनाते हुए बंद दुकानों और मकानों को भी बर्बरतापूर्वक ध्वस्त कर दिया।
जान से मारने के प्रयास और गंभीर घायलों का आरोप
ज्ञापन में सबसे गंभीर आरोप ‘जानलेवा हमले’ का लगाया गया है। व्यापारियों के अनुसार, जब सीताराम गुप्ता और निशांत गुप्ता ने इस दमनकारी कार्रवाई को रोकने और मना करने का प्रयास किया, तो कथित तौर पर CMO के आदेश पर जेसीबी (JCB No. MP 18 D 0358) द्वारा उनके ऊपर स्लैब गिरा दिया गया। इस घटना में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। व्यापारी संघ ने इसे ‘जान लेने का प्रयास’ बताते हुए घायलों के समुचित इलाज, 25-25 लाख रुपये के मुआवजे और नया घर बनाकर दिए जाने की मांग की है।
एक डॉक्टर को फायदा पहुंचाने की साजिश का आरोप?
ज्ञापन के बिंदु क्रमांक 8 में एक और चौंकाने वाला आरोप लगाया गया है। व्यापारियों का दावा है कि इंदिरा चौक से बस स्टैंड तक बनाई जा रही इस मॉडल रोड का निर्माण और यह पूरी कार्रवाई कथित रूप से ‘डॉ. कुलदीप पटेल’ के अस्पताल निर्माण को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से की जा रही है। संघ ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय टीम बनाकर 7 दिनों के भीतर मजिस्ट्रियल जांच कराने की मांग की है।
व्यापारी संघ की प्रमुख मांगें:
मजिस्ट्रियल जांच: पूरे मामले की एक उच्च स्तरीय टीम गठित कर सात दिनों के अंदर मजिस्ट्रियल जांच की जाए।
दोषियों पर कार्रवाई: नियमों के विरुद्ध बंद दुकानों व मकानों को तोड़ने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।
मुआवजा: जिन वैध मकानों को अवैध घोषित कर तोड़ा गया है, उनके मालिकों को जमीन, मकान और सामग्री सहित उचित मुआवजा मिले।
एफआईआर और निलंबन: CMO निशांत सिंह ठाकुर को तत्काल सस्पेंड कर उनके और जेसीबी के ड्राइवर व मालिक के खिलाफ जनलेवा धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए।
नालों से अवैध कब्जा हटाने की मांग:
व्यापारियों ने यह भी मांग उठाई कि गांधी चौक शहडोल, MLB हायर सेकेंडरी स्कूल के पास, शंकर टाकीज, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, पटेल नगर और इतवारी मोहल्ला जैसे क्षेत्रों में जिन लोगों ने नालों पर अवैध कब्जे कर भवन निर्माण किए हैं (जिससे पूरी बस्ती डूब जाती है), उन्हें तोड़कर नाला व्यवस्थित किया जाए।
7 दिनों का अल्टीमेटम,सभी समाजों का मिला समर्थन
इस ज्ञापन को जिला व्यापारी संघ के अध्यक्ष लक्ष्मण गुप्ता और महामंत्री प्रकाश ओचानी के नेतृत्व में सौंपा गया है। इस मांग को शहडोल के सभी प्रमुख सामाजिक संगठनों का समर्थन प्राप्त है, जिनमें सिख समाज, क्षत्रिय समाज, ब्राह्मण समाज, वैश्य समाज, केशरवानी समाज, सिंधी समाज, कसौधन समाज, साहू समाज, जैन समाज, कायस्थ समाज, मुस्लिम समाज, टैक्सी यूनियन और महिला योगा ग्रुप सहित नए बस स्टैंड के पीड़ित व्यापारी शामिल हैं।
व्यापारी संघ ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा नहीं मिला, तो जिले के सभी व्यावसायिक और सामाजिक संगठन मिलकर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने पर विवस होंगे
अजय पाल







