शहडोल जिले के बुढ़ार थाना क्षेत्र के लालपुर गांव में ट्रेलर की टक्कर से युवक मुकेश साहू की मौत के बाद पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आने का आरोप लगा है। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों के बीच पहुंचे बुढ़ार थाना प्रभारी विनय सिंह गहरवार का कथित विवादित व्यवहार अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि भीड़ को नियंत्रित करने के नाम पर थाना प्रभारी ने कई लोगों के साथ धक्का-मुक्की की और एक ग्रामीण का गला दबाते हुए कैमरे में कैद हो गए।
घटना के दौरान गांव में भारी संख्या में लोग मौजूद थे और माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था। इसी बीच मौके पर पहुंचे पत्रकार घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कैमरे चलते देख थाना प्रभारी भड़क उठे और पत्रकारों के साथ भी कथित अभद्रता करने लगे। आरोप है कि पुलिस ने कवरेज रोकने का दबाव बनाया और मीडिया कर्मियों से बदसलूकी की।
ग्रामीणों और पत्रकारों ने पुलिस के इस रवैये को लोकतंत्र और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला बताया है। उ

नका कहना है कि जनता की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली पुलिस यदि खुलेआम लोगों के साथ दुर्व्यवहार करेगी, तो आम आदमी न्याय की उम्मीद किससे करेगा।
मामले को लेकर डीजीपी भोपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए एसडीओपी धनपुरी एवं जिला प्रशासन से शिकायत की गई है। शिकायतकर्ताओं ने थाना प्रभारी विनय सिंह गहरवार के तत्काल निलंबन और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पत्रकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। फिलहाल पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अजय पाल







