लगातार तबादलों के बीच उपयंत्री पंकज शुक्ला पर गंभीर आरोप, ढीमरखेड़ा से रीठी और फिर बहोरीबंद जनपद पंचायत के सेक्टर स्लिमनाबाद तक उठे सवाल
कटनी
कटनी जिले के विभिन्न विकासखंडों में पदस्थ रहे उपयंत्री पंकज शुक्ला इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में हैं।ढीमरखेड़ा, रीठी और वर्तमान में स्लिमनाबाद सेक्टर में उनकी तैनाती के दौरान लगातार अनियमितताओं के आरोप सामने आने से न केवल विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि शासन की विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत भी उजागर होती नजर आ रही है। एक के बाद एक तबादले और हर स्थान पर एक जैसे आरोपों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है।
ढीमरखेड़ा में शुरू हुआ विवादों का सिलसिला
सूत्रों और स्थानीय नागरिकों के अनुसार, उपयंत्री पंकज शुक्ला के कार्यकाल के दौरान ढीमरखेड़ा क्षेत्र में कई निर्माण कार्यों में गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई थीं।ग्रामीणों का आरोप है कि सड़कों, नालों, पंचायत भवनों और अन्य विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता किया गया। कई निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए, जिसके कारण कुछ ही समय में उनकी हालत खराब होने लगी। माप-जोख में गड़बड़ी का आरोप भी बार-बार सामने आया। लोगों का कहना है कि कई कार्यों में वास्तविक काम कम हुआ, लेकिन कागजों में अधिक दिखाकर भुगतान लिया गया। इस तरह की अनियमितताओं से शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई। इसके अलावा ठेकेदारों के साथ कथित मिलीभगत के आरोपों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। जनप्रतिनिधियों ने भी समय-समय पर इन मामलों को उठाया, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में असंतोष बढ़ता गया। अंततः बढ़ते विवादों के बीच उपयंत्री का स्थानांतरण ढीमरखेड़ा से रीठी कर दिया गया।
रीठी में भी नहीं बदली कार्यशैली
रीठी में पदस्थापना के बाद लोगों को उम्मीद थी कि अब कार्यप्रणाली में सुधार देखने को मिलेगा, लेकिन आरोप है कि यहां भी स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि विकास कार्यों में नियमों की अनदेखी जारी रही और कई परियोजनाओं में पारदर्शिता की कमी साफ नजर आई। ग्रामीणों के अनुसार, यहां भी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठे। कई स्थानों पर घटिया सामग्री के उपयोग और अधूरे कार्यों के बावजूद भुगतान किए जाने की शिकायतें सामने आईं। “मलाई काटने” जैसे आरोप भी लगातार चर्चा में रहे, जिससे यह धारणा मजबूत होती गई कि कार्यों में ईमानदारी की कमी है।रीठी क्षेत्र के कुछ जनप्रतिनिधियों ने इन मामलों की जांच की मांग की थी।
स्लिमनाबाद में भी उठने लगे सवाल
रीठी के बाद उपयंत्री पंकज शुक्ला का तबादला स्लिमनाबाद सेक्टर में कर दिया गया, लेकिन यहां भी हालात में सुधार के संकेत नहीं मिल रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यहां भी वही पुराना ढर्रा जारी है। निर्माण कार्यों में पारदर्शिता का अभाव और गुणवत्ता पर सवाल लगातार उठ रहे हैं। कुछ स्थानों पर ऐसे कार्यों की शिकायतें सामने आई हैं, जो कागजों में पूर्ण दिखाए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अधूरे हैं। इसके अलावा, निर्माण कार्यों में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह काम चलता रहा, तो विकास कार्यों की उपयोगिता पर ही प्रश्नचिह्न लग जाएगा।
विभागीय कार्यप्रणाली पर उठे बड़े सवाल
लगातार एक के बाद एक स्थानांतरण और हर जगह एक जैसे आरोप सामने आने से अब सवाल केवल एक अधिकारी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पूरे विभाग की कार्यप्रणाली पर उठने लगा है।आम लोगों का कहना है कि यदि किसी अधिकारी पर बार-बार गंभीर आरोप लग रहे हैं, तो उसकी निष्पक्ष जांच क्यों नहीं कराई जा रही। यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या केवल स्थानांतरण ही समस्या का समाधान है? यदि अनियमितताएं हो रही हैं, तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? वहीं, यदि आरोप गलत हैं, तो विभाग को आगे आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।
🖋️*पुलिस वाला न्यूज़ कटनी से पारस गुप्ता की रिपोर्ट*
