डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
डिंडौरी जिले की शहपुरा जनपद पंचायत से सरकारी निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। ग्राम पंचायत अमेरा में करीब 15 लाख रुपये की लागत से पीडीएस भवन बन रहा है, इस भवन का निर्माण कार्य करीब तीन साल से चल रहा है लेकिन अभी तक यह भवन अधुरा है, वही इस साल की पहली ही बारिश में इस बन रहे भवन की पोल खुल गई।
शहपुरा जनपद पंचायत के ग्राम अमेरा में लगभग 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित हो रहे पीडीएस भवन इस साल की पहली ही बारिश में टपकने लगा। भवन का निर्माण कार्य अभी पूरी तरह पूरा भी नहीं हुआ है और छत से पानी का रिसाव शुरू हो गया और कमरों में बारिश का पानी भर गया।
जिस भवन में वर्षों तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली का राशन सुरक्षित रखा जाना था, वही भवन उपयोग से पहले ही गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया।
अब सवाल निर्माण कार्य की तकनीकी निगरानी पर भी उठ रहे हैं। यदि उपयंत्री द्वारा नियमित निरीक्षण किया गया था, तो पहली ही बारिश में छत से पानी कैसे टपकने लगी? क्या गुणवत्ता की जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रही?
ग्राम पंचायत की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। यदि निर्माण में शुरुआत से ही खामियां थीं, तो समय रहते आपत्ति क्यों नहीं दर्ज कराई गई और निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग क्यों नहीं की गई?
ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार, उपयंत्री और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई करता है या फिर सरकारी निर्माण की यह खामियां भी फाइलों में ही दबकर रह जाएंगी।
सचिव ठेकेदार और उपयंत्री की भूमिका पर सवाल
