
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद से अपराधियों और सट्टेबाजों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। रायपुर पुलिस की एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट (ACCU) और तेलीबांधा थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आईपीएल मैचों के दौरान ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले तीन हाई-प्रोफाइल सटोरियों को गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए आरोपियों में शहर के चर्चित नाम नमन जग्गी, आयुष जैन और मोहम्मद सरफराज मामदानी शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से दो महंगी लग्जरी कारें और मोबाइल फोन समेत कुल 55 लाख रुपये का मशरूका जप्त किया है।
कैसे हुआ खुलासा?
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तेलीबांधा क्षेत्र स्थित ’36 मॉल’ के पास एक संदिग्ध चारपहिया वाहन में बैठकर कुछ लोग मोबाइल के जरिए आईपीएल क्रिकेट मैच पर दांव लगवा रहे हैं। डीसीपी (क्राईम) स्मृतिक राजनाला और डीसीपी (मध्य-क्षेत्र) उमेश प्रसाद गुप्ता की मॉनिटरिंग में टीम ने घेराबंदी कर मॉल के पास दबिश दी।
कार्रवाई का घटनाक्रम
पहली गिरफ्तारी: टीम ने सबसे पहले नमन जग्गी (निवासी कोतवाली) को पकड़ा। उसके मोबाइल की जांच करने पर Gold777.Com नामक आईडी से सट्टा संचालित करना पाया गया।
खुलासा: पूछताछ में नमन ने बताया कि वह आयुष जैन और सरफराज मामदानी को भी सट्टे की आईडी बेचता है।
जाल में फंसे अन्य आरोपी: पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आयुष जैन (निवासी न्यू राजेंद्र नगर) और मोहम्मद सरफराज (निवासी गोलबाजार) को एक अन्य कार से सट्टा संचालित करते हुए रंगे हाथ धर दबोचा। इनके पास से jmdbet777.com, AllpaneleXch9.co और silverbet777.club जैसी वेबसाइट्स के लिंक मिले हैं।
सटोरियों का ‘पारिवारिक’ कनेक्शन
पुलिस ने बताया कि आरोपी आयुष जैन का भाई पीयूष जैन भी सट्टेबाजी के पुराने कारोबार में संलिप्त रहा है। पीयूष को इसी साल 31 जनवरी को थाना गंज पुलिस ने 37.50 लाख रुपये की भारी भरकम नकदी के साथ जेल भेजा था। अब उसके भाई आयुष की गिरफ्तारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से शहर में सट्टे का जाल फैलाए हुए था।
जप्त सामग्री और धाराएं
मशरूका: 02 महंगी कारें (CG 04 QX 3300 एवं CG 04 NU 0313), 05 मोबाइल फोन और नगद राशि।
कुल कीमत: लगभग 55,00,000/- रुपये।
कानूनी कार्रवाई: आरोपियों के खिलाफ थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 202/26 के तहत छ.ग. जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7 एवं बीएनएस की धारा 112(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आंकड़ों में रायपुर पुलिस की सफलता (वर्ष 2026)
कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट ने सट्टेबाजों की कमर तोड़ दी है:
कुल प्रकरण: 15
गिरफ्तार आरोपी: 74
कुल जप्ती: लगभग 3 करोड़ 53 लाख रुपये (जिसमें 217 मोबाइल, 20 लैपटॉप और 14 वाहन शामिल हैं)।
रिपोर्ट: मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ,पुलिसवाला न्यूज़

