
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस नई व्यवस्था के तहत सूचना मिलते ही आईटीएमएस (ITMS) और कंट्रोल रूम तत्काल हरकत में आएंगे। कंट्रोल रूम द्वारा संबंधित क्षेत्र की यातायात पेट्रोलिंग टीम को तुरंत वायरलेस पर संदेश प्रसारित किया जाएगा, जिससे पुलिस बल मौके पर पहुंचकर शीघ्रता से जाम खुलवा सके। पुलिस का मुख्य उद्देश्य वाहन चालकों को अनावश्यक देरी से बचाना और सड़कों पर वाहनों का सुचारू प्रवाह सुनिश्चित करना है।
इस व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता गूगल मैप का उपयोग कर की जा रही डिजिटल निगरानी है। यातायात पुलिस अब आईटीएमएस कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार गूगल मैप पर नजर रखेगी। जैसे ही मैप पर किसी मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ता दिखेगा, वहां तत्काल पेट्रोलिंग भेजी जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों को भी जागरूक करते हुए बताया है कि गूगल मैप पर दिखने वाले रंगों का विशेष महत्व है। यदि मैप पर मार्ग हरा दिख रहा है तो यातायात सुचारू है, पीला रंग होने पर गति मध्यम है, जबकि लाल और मेहरून रंग क्रमशः धीमी गति और पूर्ण रूप से बाधित यातायात के संकेत देते हैं।
रायपुर यातायात पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे सफर शुरू करने से पहले गूगल मैप की मदद से जाम की स्थिति देख लें और आवश्यकतानुसार वैकल्पिक मार्गों का चुनाव करें। इस नई हेल्पलाइन सेवा और डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए रायपुर पुलिस शहरवासियों को एक सुरक्षित और बाधा मुक्त सफर प्रदान करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है।
रिपोर्ट: मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़

