रायपुर पुलिस की बड़ी सफलता: ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर करोड़ों की ठगी करने वाला मुख्य आरोपी हरियाणा से गिरफ्तार
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के तहत रायपुर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मुंबई क्राइम ब्रांच का फर्जी अधिकारी बनकर एक व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट करने और उससे सवा करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना को पुलिस ने हरियाणा के गुड़गांव से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की त्वरित कार्यवाही के चलते पीड़ित को ठगी गई राशि में से 58 लाख रुपये वापस दिला दिए गए हैं, जबकि शेष राशि को भी विभिन्न बैंक खातों में होल्ड करा दिया गया है।
मामले का खुलासा करते हुए बताया गया कि प्रार्थी सपन कुमार को अज्ञात मोबाइल नंबरों से फोन आया था, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। आरोपियों ने प्रार्थी पर क्रेडिट कार्ड के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग का झूठा आरोप लगाकर उसे बुरी तरह डरा दिया। इसके बाद शातिर अपराधियों ने प्रार्थी को 24 घंटे व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रहने के लिए मजबूर किया और तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ की आड़ में उससे लगभग 1.25 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर ली। इस सनसनीखेज मामले की रिपोर्ट थाना विधानसभा में दर्ज कराई गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक (IG) रायपुर रेंज, श्री अमरेश मिश्रा ने साइबर अपराधों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए रेंज साइबर थाना रायपुर को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए। श्री मिश्रा के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने ठगी गई राशि के लेन-देन का बारीकी से विश्लेषण किया। जाँच में पता चला कि ठगी की रकम को कई अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इन खातों को चिन्हित कर राशि होल्ड कराई और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से पीड़ित को 58 लाख रुपये वापस कराए।
विवेचना के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी की पहचान सोमनाथ महतो के रूप में की। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। आईजी अमरेश मिश्रा के निर्देश पर पुलिस की एक विशेष टीम को दिल्ली और हरियाणा रवाना किया गया। सतत पीछा करते हुए पुलिस टीम ने अंततः मुख्य आरोपी सोमनाथ महतो (27 वर्ष) को आर मंगलम यूनिवर्सिटी सोहना, गुड़गांव से धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और संलिप्त सदस्यों की तलाश में जुटी है।
रिपोर्ट :मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़
