रायपुर। रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री अमरेश मिश्रा के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए की जा रही लगातार कार्रवाई के अंतर्गत पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट कर अपराधियों को बेचने वाले दो पीओएस (POS) एजेंटों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में उमेश प्रजापति (छतरपुर, मध्य प्रदेश) और मनोज देवांगन (खैरागढ़, छत्तीसगढ़) शामिल हैं। ये आरोपी मोबाइल दुकान की आड़ में सिम लेने या पोर्ट कराने आने वाले ग्राहकों को झांसा देकर डबल थंब स्कैन, आई ब्लिंक या उनके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर अतिरिक्त सिम चालू कर लेते थे और उन्हें ऊंचे दामों पर साइबर अपराधियों को बेच देते थे।

इन फर्जी सिम कार्डों का उपयोग दो प्रमुख ठगी के मामलों में किया गया था। पहले मामले में गरियाबंद के इंदागांव थाना क्षेत्र में एक प्रार्थी से व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए वीडियो मॉर्फिंग कर यूट्यूब पर वायरल करने की धमकी देकर ₹7.90 लाख की वसूली की गई थी। वहीं, दूसरे मामले में रायपुर रेंज साइबर थाने के अंतर्गत ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) में इनाम जीतने का झांसा देकर टैक्स जमा कराने के नाम पर धोखाधड़ी की गई थी। रेंज साइबर थाना रायपुर की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और जांच के आधार पर दोनों आरोपियों को धरदबोचा और उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। इस कार्रवाई के साथ ही पुलिस प्रशासन ने आम जनता से सजग रहने की अपील की है कि वे अनजान वीडियो कॉल न उठाएं और किसी भी लॉटरी या इनाम के लालच में आकर अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा न करें।

रिपोर्ट: मयंक श्रीवास्तव 

ब्यूरो चीफ,पुलिसवाला न्यूज़

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