
दिनेश चंदानी ने बताया कि मां काली श्मशान वासिनी का आशीर्वाद मिलने पर उन्हें यह पहल करने की प्रेरणा मिली। उन्होंने देखा कि मुक्तिधाम में शव को अंतिम संस्कार से पहले जमीन पर रखकर पूजा करनी पड़ती थी, क्योंकि वहां शव विश्राम स्थल नहीं था।
उन्होंने कहा, “ये मेरी एक छोटी सी पहल थी। पवित्र शवों के अंतिम दर्शन और पूजा के लिए विश्राम स्थल बनवाना मेरा सौभाग्य है कि मुझे ये नेक कार्य करने का मौका मिला।”
अब शव विश्राम स्थल बनने से परिजन सम्मानपूर्वक अंतिम दर्शन और पूजा विधि पूरी कर सकेंगे। क्षेत्रवासियों ने दिनेश चंदानी के इस सामाजिक कार्य की सराहना की।
ब्यूरो चीफ शंकर अघिजा
क्राइम रिपोर्टर राजा जनक्यानी
