डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
छात्र-छात्राओं ने भी आंदोलन में लिया हिस्सा, लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े ग्रामीण; दो घंटे तक मेहंदवानी-शहपुरा मार्ग रहा बाधित
मेहंदवानी। जनपद पंचायत मेहंदवानी अंतर्गत ग्राम पंचायत सारंगपुर के पोषक गांव मुरमी टोला तक सड़क नहीं पहुंचने से ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे ग्रामीणों ने बुधवार को आखिरकार सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों के साथ छात्र-छात्राओं ने भी आंदोलन में हिस्सा लिया और मेहंदवानी-शहपुरा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक सुगम सड़क नहीं होने के कारण रोजमर्रा के आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्कूली बच्चों को भी आने-जाने में परेशानी होती है। बारिश के दिनों में स्थिति और अधिक खराब हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के समक्ष सड़क निर्माण की मांग रखी जा चुकी है, लेकिन हर बार आश्वासन मिलने के बाद भी धरातल पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
आश्वासन के बाद भी नहीं बदली स्थिति
ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से सड़क निर्माण को लेकर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर रहे हैं। उन्हें जल्द सड़क निर्माण शुरू कराने का भरोसा दिलाया जाता रहा, लेकिन समय बीतने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। लगातार मिल रहे आश्वासनों से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को आंदोलन का रास्ता अपनाया।
छात्र-छात्राओं ने भी जताई नाराजगी
आंदोलन में गांव के छात्र-छात्राओं की भागीदारी भी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के अभाव का सबसे ज्यादा असर विद्यार्थियों के आवागमन पर पड़ता है। खराब रास्ते और बारिश के दौरान आने वाली परेशानियों के कारण स्कूल पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क कोई सुविधा मात्र नहीं, बल्कि गांव के लोगों और विद्यार्थियों के लिए मूलभूत आवश्यकता है।
सुबह 9 से 11 बजे तक हाईवे पर चक्काजाम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 9 बजे से 11 बजे तक ग्रामीणों ने मेहंदवानी-शहपुरा मार्ग पर चक्काजाम किया। इस दौरान ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों के मौके पर पहुंचने और लिखित आश्वासन देने की मांग पर अड़े रहे।
ग्रामीणों का आरोप है कि करीब दो घंटे तक मार्ग बाधित रहने के बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे आंदोलन कर रहे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई।
लिखित आश्वासन के बिना पीछे हटने को तैयार नहीं ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि मौखिक आश्वासन उन्हें पहले भी कई बार मिल चुका है, लेकिन अब वे सड़क निर्माण को लेकर ठोस कार्रवाई चाहते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मुरमी टोला तक सड़क निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए और निर्माण की स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही सड़क की समस्या का स्थायी समाधान होने तक वे अपनी मांग को लेकर आवाज उठाते रहेंगे।






