मप्र के रतलाम में पूर्व विधायक और जिला कांग्रेस अध्यक्ष हर्षविजय गेहलोत द्वारा वोट चोर गद्दी छोड़’ वाली रील शेयर करने के बाद इंस्टाग्राम अकाउंट अचानक भारत में बैन कर दिया गया है।
इस अप्रत्याशित घटना क्रम के बाद गेहलोत ने कहा कि एक राजनीतिक रील शेयर करने के बाद की गई यह कार्रवाई लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास किया गया।
गेहलोत का आधिकारिक यह अकाउंट मेटा (Instagram) यह कार्रवाई बिना किसी पूर्व सूचना के की गई है। इस कार्रवाई के बाद से राजनीति के साथ आमजन में बहस शुरू हो गई।
अकाउंट बैन होने के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष हर्षविजय गेहलोत ने सरकार के खिलाफ मुखर हो गए और कहा कि इंस्टाग्राम संचालन करने वाली कंपनी मेटा ने बिना किसी सूचना के ही उनका अकाउंट बंद कर दिया है। गेहलोत ने आरोप लगाया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता वर्तमान में केवल कागजों तक सीमित है। क्या सत्ता से सवाल करना और सरकार की गलत नीतियों का विरोध करना हमारा अधिकार है इस तरह सरकार किसी की आवाज नहीं दबा सकती।
रिपोर्ट=कुश मेहता







